सपा का चमत्कार- क्लर्क से बने विधायक

विधानसभा चुनाव में केराकत सुरक्षित सीट से चुनाव जीतकर वाकई में वीआईपी हो गये। गुलाब चंद सरोज ऊर्फ गुलाब बाबू को समाजवादी पार्टी ने केराकत (सु.) सीट से प्रत्याशी बनाया और वह चुनाव जीत गये। गुलाब बाबू के राजनीति में आने की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। जलालपुर के रहने वाले गुलाब चंद सरोज 24 अगस्त 1978 में लिपिक पद पर नियुक्त हुये थे। कई पटलों पर काम करते हुये जब वह असलहा विभाग में तैनात किये गये तो लोग उन्हें असलहा बाबू या गुलाब बाबू
कहने लगे।
तत्कालीन जिलाधिकारी अपर्णा यू ने उनका तबादला 2010 में वीआईपी विभाग में कर दिया और वह वीआईपी बाबू हो गये। उनका काम जिले में आने वाले अतिविशिष्ट लोगों के रहने खाने की व्यवस्था देखने का था। अतिविशिष्ट लोगों की व्यवस्था करने के कारण ही उनका स पर्क राजनीतिक नेताओं से भी हुआ। सपा ने जब उन्हें प्रत्याशी घोषित किया तो उन्होंनें गत 17 दिस बर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। गुलाब बाबू ने चुनाव में जमकर प्रचार किया और नौ हजार से ज्यादा वोट से जीते। अपनी जीत की साथ सपा की सरकार बनने पर गुलाब बाबू की खुशी दुगुनी हो गयी है अब उनकी एक वाहिश और कि वह बाबू से मंत्री बन जायें।












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