शुरू हुआ हिमयुग, 11 सालों तक पड़ेगी ऐसी ठंड

मौसम विभाग के निदेशक, बिक्रम सिंह का कहना है कि अब साफ होने लगा है कि यह चक्र की ठंड है। अगर ऐसा हुआ तो 11 सालों तक ऐसी ही ठंड झेलनी पड़ेगी। जो हर साल अक्तूबर में शुरू होगी और मार्च -अप्रैल तक चलेगी। तापमान भीषण रूप से नीचे जाता रहेगा। यह तो कुछ तक खैरियत की बात है। लेकिन अगर 70 सालों का चक्र शुरू हुआ है तो फिर समझ लीजिए तो दो पीढ़ियों को कड़कड़ाकी ठंड झेलेनी पड़ेगी।
यह अभी साफ नहीं है कि यह 11 साल या 70 साल का चक्र है। यहां बता दे तीन सौ साल पहले धरती के इंसान यह कष्ट झेल चुके हैं। 17 वीं शताब्दी में ऐसी ही ठंड पड़ी थी। जो पूरे 11 साल तक चली । वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके संकेत पिछले साल से ही मिल गए थे। जब सूरज में विस्फोट बढ़ने लगे तो इसके संकेत माने जाते हैं। अब साफ होने लगा है कि सूरज में हो रहे विस्फोट इस बात के ही संकेत थे कि छोटे हिमयुग की शुरूआत होनेवाली है।
मौसम वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि मार्च तक ठंड से राहत नहीं मिलेगी। बीच में मौसम सही हो गया लगा कि मौसम पिछले सालों की तरह ही रहेगा। मार्च आते ही ठंड खत्म हो जाएगी। लेकिन एक बार फिर ठंड का पलट वार हुआ है।मार्च करीब है लेकिन भी राजधानी से सर्दी जाने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को भी राजधानी का मौसम सर्द रहा। हालांकि मौसम तो साफ था, फिर भी ठंड महसूस की गई। न्यूनतम तापमान सामान्य से कम होने की वजह से दोपहर बाद भी ठंडा रहा।
रविवार को भी मौसम वैसा ही है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में शनिवार को न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस रहा जो शुक्रवार की तुलना में दो डिग्री अधिक था, पर अधिकतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से दो डिग्री कम है। उम्मीद करनी चाहिए दिल्ली समेत पूरी दुनिया में पड़ रही ठंड सामान्य ठंड हो। अगर यह छोटे हिमयुग की ठंड हुई तो समझ लीजिए दो पीढ़ियों के लिए मुसीबत ही मुसीबत रहेगी। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक हिमयुग का असर यूरोपीय देशों में लगातार हो रही बर्फबारी के रूप में दिखाई देने लगा है।












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