ड्रग्स देकर डीयू की छात्रा को बंधक बनाया

17 जनकवी को प्रताप नगर में रहने वाली ममता (19) ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली और रास्ते से उसका अपहरण हो गया। पीड़ित परिजन लगातार बॉबी नामक शख्स पर छात्रा को अगवा करने का शक जताते रहे, लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी। परेशान पिता ने पुलिस उपायुक्त, जिला पुलिस उपायुक्त के यहां भी गुहार लगाई, लेकिन हर वक्त साथ रहने का दावा ठोकने वाली पुलिस के किसी अधिकारी-कर्मचारी ने कुछ नहीं किया।
ममता के घर लौटने के बाद वारदात का खुलासा हो पाया। आरोपी ने पीड़िता को लोनी इलाके में किसी अज्ञात जगह पर 25 दिनों तक बंधक बनाकर रखा। रविवार तड़के वह किसी प्रकार बदमाशों के चंगुल से भाग निकली। स्थानीय लोगों की मदद से उसने लोनी पुलिस को सूचना दी। बाद में यूपी पुलिस की सूचना पर दिल्ली पुलिस ने छात्रा को बरामद किया और उसके बयान पर छात्रा के पड़ोसी ओमवती (45) और उसके बेटे सोनू (21) को षड्यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी बॉबी (24) अभी फरार है। बॉबी, सोनू का दोस्त और उसका पूर्व किरायेदार है। दो साल पहले उसने छात्रा के साथ छेड़छाड़ की थी। जिसकी शिकायत पीड़िता ने पुलिस से की थी। इसका बदला लेने के लिए ही बॉबी ने ओमवती और सोनू की मदद से छात्रा को अगवा किया।
पच्चीस दिनों के बाद घर लौटी ममता ने बताया कि 17 जनवरी को जब वह घर से ट्यूशन पढ़ने निकली तो रास्ते में बॉबी ने नशीला पदार्थ सुंघाकर उसे अगवा कर लिया। जब आंख खुली तो उसने अपने को अंधेरे कमरे में हाथ-पैर बंधा हुआ पाया। करीब 25 दिन उसे कमरे में बंधक बनाकर रखा गया। ममता की देखभाल के लिए एक अधेड़ महिला रहती थी। खाने-पीने में नशीला पदार्थ देकर उसे हल्की बेहोशी की हालत में रखा जाता था। खाना खाने से मना करने पर ममता की पिटाई की जाती थी। इसी दौरान ममता को पता चला कि बॉबी ने सोनू और ओमवती की सूचना पर उसको अगवा किया था। रविवार तड़के मौका पाकर ममता कैद से भाग निकली। वह एक डेयरी पर पहुंची। वहां उसे पता चला कि वह लोनी इलाके में है। डेयरी मालिक ने लोनी पुलिस को सूचना दी। बाद में दिल्ली पुलिस और ममता के परिजनों को सूचना दी गई।
पुलिस लोनी में उस जगह का पता लगाने का प्रयास कर रही है, जहां ममता को बंधक बनाकर रखा गया। ओमवती ने पुलिस को बताया है कि करीब दो साल पहले बॉबी उसका किराएदार था। उसी समय छेड़छाड़ के बाद ममता की शिकायत पर पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था। उसका बदला लेने के लिए ही बॉबी ने ममता को अगवा किया। पीड़ित अरुण राय ने बताया कि बच्ची के अगवा होने के बाद शाम के समय वह थाने पहुंचे। थाने में उनकी शिकायत लेकर वापस भेज दिया गया। मामला दर्ज करने की बात पर जांच अधिकारियों ने उनसे कहा कि आपकी बच्ची बालिग है, वह अपनी मर्जी से किसी के साथ चली गई होगी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वह अपने आप घर आ जाएगी।
अरुण राय ने बताया कि शुरू से उन्हें आशंका थी कि उनकी बेटी को बॉबी ने ही अगवा किया। बताने के बाद भी पुलिस ने उनकी एक न सुनी। अरुण ने बताया कि दो साल पहले शिकायत के बाद बॉबी उनकी बेटी से बदला लेने की फिराक में था। बॉबी के डर से उनकी बेटी ने 12वीं कक्षा के प्राइवेट एग्जाम दिए थे। यहां तक उनकी बेटी ने बीए पत्राचार में दाखिला लिया था। अरुण ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिस यदि प्रयास करती तो उनकी बच्ची को इतने जुल्म नहीं सहने पड़ते। गुमशुदगी दर्ज कर लगातार पुलिस पीड़िता की तलाश कर रही थी। रविवार को जैसे ही पुलिस को उसने बयान दिया, आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उन्हें दबोच लिया गया।












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