आजमगढ़ के चुनावों में जाति है एक महत्वपूर्ण कारक
संजारी ने कहा कि कम से कम मुम्बई हमलों में जीवित पकड़े गए एकमात्र आतंकवादी आमिर अजमल कसाब की तर्ज पर त्वरित मुकदमा तो सुनिश्चित किया जा सकता था। जिले के मुसलमानों की मांगों को उठाने के लिए उलेमा काउंसिल समूचे उत्तर प्रदेश में 170 उम्मीदवार उतारकर चुनाव मैदान में कूद गई है । काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना आमिर रसदी ने भाजपा पर राजग शासनकाल के दौरान आतंकवाद को लेकर नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया और कांग्रेस की यह कहकर निन्दा की कि वह राजनीतिक स्वार्थो के लिए घडि़याली आंसू बहा रही है। यह पूछे जाने पर कि हाल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आजमगढ़ यात्रा का उलेमा काउंसिल ने विरोध क्यों किया, रसदी ने कहा कि कांग्रेस अपने राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए मुसलमानों के समर्थन में घडि़यालू आंसू बहाती रही है।
रसदी ने कहा, भाजपा ने कंधार जाकर आतंकवादियों को छोड़ा जिन्होंने बाद में भारत को निशाना बनाया उसे आतंकवाद के बारे में बात नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, दिग्विजय सिंह कहते हैं कि बटला हाउस मुठभेड़ फर्जी है, गृहमंत्री इसे सही बताते हैं, हम उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश से इसकी जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं तो इसे स्वीकार क्यों नहीं किया जाता? रसदी ने दावा किया कि मुठभेड़ में मारे गए युवकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि उन्हें बिल्कुल नजदीक से गोली मारी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की मौत के पीछे साजिश है।
उलेमा प्रमुख ने कहा कि वाम नीत तीसरा मोर्चा सरकार के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प हो सकता है। इस जिले में 10 विधानसभा सीटें हैं जिनमें से अधिकतर पिछड़ों के प्रभुत्व वाली हैं। इनमें बसपा के पास छह और सपा के पास चार सीटें हैं। दलों में समुदाय के अधिक से अधिक मत हासिल करने की लड़ाई है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सुखदेव राजभर, मध्य प्रदेश के राज्यपाल और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राम नरेश यादव के बेटे अजय तथा भाजपा सांसद रमाकांत यादव की पत्नी चुनावी मैदान में हैं।
रमाकांत यादव के बेटे अरुण इस बार भाजपा के टिकट पर अंबेडकरनगर जिले की जलालपुर सीट से लड़ रहे हैं। राजभर जहां दीदारगंज से लड़ रहे हैं , वहीं अजय नरेश यादव फूलपुर सीट से चुनाव मैदान में हैं जो अब तक अरुण यादव के पास रही है। वह हाल तक सपा के साथ थे। सांसद के भतीजे वीरेंद्र भाजपा के टिकट पर फूलपुर से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी को भाजपा ने निजामाबाद से चुनावी समर में उतारा है।













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