दिल्ली वालों से ही दिल्ली महफूज नहीं

Crime
दिल्ली (ब्यूरो)। शीला दीक्षित के लिए यह अच्छी खबर नहीं है। उन्होंने कुछ महीने पहले कहा था दिल्ली में अपराध के कारण बाहरी लोग हैं, लेकिन राज्य सरकार की खुद की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली में अपराध करने वाले 71.43 फीसदी लोग दिल्ली के पुराने वाशिंदे हैं। बाहरी लोग की अपराध में हिस्सेदारी 23.00 फीसदी है। बाकी विदेशी या अन्य हैं। ये आकंडे तिहाड़ जेल के हैं।

दिल्ली विधान सभा के शीतकालीन सत्र में सरकार ने एक सवाल के जवाब में ये आकंडे पेश किए हैं। हां एक बात साफ हो गई है कि अपराध का गरीबी से सीधा संबंध है। तिहाड़ में बंद 92 फीसदी लोग गरीबों की श्रेणी से हैं। गौरतलब है कुछ महीने पहले की बात है राजधानी में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा था कि बाहरी लोग ही दिल्ली में अपराध कर रहे हैं।

उन्होंने कहा था कि यह सत्य है कि दिल्ली में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करती है। 20 वर्षीय मणिपुरी लड़की से बलात्कार की घटना के बाद शीला का यह सनसनीखेज बयान आया था। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या प्रवास और शहर के आर-पार लोगों के जाने के कारण है। उन्होंने कहा था कि पंजाब और उत्तरप्रदेश जाने के लिये लोग शहर पार कर जाते हैं । मुख्यमंत्री ने कहा, ‘इससे आपराधिक गतिविधियां बढ़ गयी हैं और उस कारण वे पकड़े भी नहीं जा रहे हैं।

उधर, आदर्श केंद्रीय कारागार तिहाड़ जेल में एक विचाराधीन कैदी की मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। कैदी के पेट से ड्रग्स की तीन पुड़िया मिली हैं। ड्रग्स को जांच के लिए भेज दिया गया है। अब तिहाड़ प्रशासन और दिल्ली पुलिस की तीसरी बटालियन संदेह के घेरे में हैं कि जब कैदी जेल से अदालत आया और फिर जेल पहुंचा तो उसके पास ड्रग्स कहां से आयी। जेल महानिदेशक नीरज कुमार ने कैदी की मौत पर ड्रग्स का संदेह व्यक्त किया था।

जेल नंबर नंबर आठ के हाई रिस्क सेल में बंद विचाराधीन कैदी नईम की मौत शनिवार की रात हो गई थी। उसकी मौत को लेकर सोमवार को काफी हंगामा हुआ और तिहाड़-प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया गया। डीडीयू अस्पताल में परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मंगोलपुरी के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल भेज गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि नईम के पेट से ड्रग्स की तीन पुड़िया मिली हैं।

इसमें से एक पुड़िया उसके शरीर में ही फट गई जिससे शरीर में जहर फैल गया और मौत हो गई। जबकि दो साबुत पुड़िया पोस्टमार्टम के दौरान निकाल ली गईं। ड्रग्स को जांच के लिए भेज गया है। शव जेल में घुटनों के बल था और सिर जमीन की ओर झुका था। आशंका है कि वह उल्टी करने के लिए बैठा था, लेकिन ड्रग्स निकल नहीं पाया और पेट के अंदर ही पुड़िया फट गई। मामले की न्यायिक जांच चल रही है। लिहाजा, तिहाड़-प्रशासन मामले में कोई भी अधिकारिक जानकारी देने को तैयार नहीं है।

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