यूपी चुनाव: कठिन बड़ी है हाथी और साइकिल की डगर
हालांकि सभी राजनीतिक पार्टियों के नेता भ्रष्टाचार तथा विकास के मुद्दे उठा रहे हैं लेकिन प्रत्याशी जातीय समीकरण साधकर ही चुनावी वैतरणी पार करने की जुगत में हैं। जिले में आगामी आठ फरवरी को पहले चरण के चुनाव में मतदान होना है। सीतापुर सदर सीट पर वर्ष 2007 में जीत की हैटिक लगाने वाले सपा के राधेश्याम जायसवाल चौथी बार विधानसभा पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं लेकिन उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी हाजी जलीस अंसारी, बसपा उम्मीदवार मोहम्मद अयूब तथा भाजपा प्रत्याशी साकेत मिश्र से कड़ी चुनौती मिल रही है।
नवसृजित सेवता सीट करोड़पति उम्मीदवारों के मुकाबले के लिये चर्चा में है। इस सीट पर कांग्रेस के टिकट पर पूर्व मंत्री अम्मार रिजवी, चाय बागान के मालिक भाजपा प्रत्याशी नवल किशोर टंडन तथा बसपा की रंजना बाजपेयी पिछले तीन बार से चुनाव जीत रहे सपा के महेन्द्र प्रताप सिंह को कड़ी टक्कर दे रही हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामलाल राही के बहू मंजरी राही सीतापुर की हरगांव सीट से कांग्रेस के टिकट पर राहुल गांधी के करिश्मे की मदद से पहली बार किस्मत आजमा रही हैं।
इस सीट पर उनका मुकाबला रामहेत भारती (बसपा), सपा उम्मीदवार आरपी चौधरी तथा भाजपा की किरण बाला चौधरी से है। मिश्रिख सीट पर सपा विधायक रामपाल राजवंशी अपनी सीट को बरकरार रखने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन बसपा प्रत्याशी मनीष रावत और भाजपा उम्मीदवार आशीष कुमार उन्हें कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं। लहरपुर सीट से बसपा के मौजूदा विधायक और स्थानीय बसपा सांसद कैसरजहां के पति मोहम्मद जसमीर अंसारी को सपा प्रत्याशी जहीर अब्बास से तगड़ी टक्कर मिल रही है।
अब्बास राज्य के पूर्व मंत्री मुख्तार अब्बास के पुत्र हैं। महोली सीट से कांग्रेस प्रत्याशी गया प्रसाद सपा उम्मीदवार अनूप गुप्ता को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। इस सीट से बसपा ने महेश कुमार मिश्र जबकि भाजपा ने भानु प्रताप सिंह को टिकट दिया है। इस सीट पर भी दिलचस्प मुकाबला है। इसके अलावा जिले की सिधौली, बिसवां तथा महमूदाबाद सीटों पर लड़ाई मुख्यत: सपा और बसपा के बीच ही होती दिख रही है लेकिन कांग्रेस तथा भाजपा की सम्भावनाओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।













Click it and Unblock the Notifications