'आईएसआई और लश्कर चला रहे जाली नोटों का रैकेट'

बीएसएफ के एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि नकली भारतीय नोट के संदिग्ध संचालकों से हुई पूछताछ और खुफिया रिपोर्ट से यह जाहिर हुआ है कि गिरोह के सरगना के तौर पर पहचाना गया इकबाल राना आईएसआई के कहने पर काम करता था। लश्कर के शामिल होने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद इस गैरकानूनी काम में नया आयाम जुड़ गया है।
अधिकारी ने बताया कि देश भर में नकली नोटों को फैलाने के लिए जम्मू, पश्चिम बंगाल के मालदा और नेपाल में अड्डे बनाए गए हैं। नकली नोट आमतौर पर 500 रूपये, 1000 रूपये की मुद्रा के तैयार किए जाते हैं और उन्हें पांच हजार, दस हजार की गड्डी में रखा जाता है। इन अड्डों से ही इनकी तस्करी भारत में शुरू होती है।












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