मिग-21 की जगह लेने को खरीदे जाएंगें फ्रांस से विमान

इन विमानों में 2 इंजन हैं और ये रडार की रेंज से भी बाहर रहते हैं। इस सौदे के तहत अगले तीन साल में भारत को 18 विमान मिल जाएंगे। रक्षा सौदे में अभी विमानों की कीमत तय नहीं की गई है। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक आने वाले 15 दिनों में इनकी कीमत तय कर ली जाएगी। फ्रांस की वायुसेना और नौसेना इन विमानों का इस्तेमाल पिछले काफी समय से कर रह है। वहां इसका निर्माण 2000 में हुआ था।
पहले 18 विमानों के अलावा बाकी जो विमान बनेंगे वह भारत और फ्रांस मिलकर बनाएंगें। इन विमानों को फ्रांसीसी कंपनी और भारतीय कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड की बेंगलूरु इकाई मिलकर करेगी। इस सौदे के बाद फ्रांसीसी कंपनी डसाल्ट राफेल के शेयर में 22 फीसदी का उछाल आया है।
भारत ने ये विमान खरीदने के लिए 2007 में टेडर जारी किया था। जिसके लिए दुनिया की 6 बड़ी कंपनियों ने निविदाएं भरी थीं। इस होड़ में अमेरिका की बोंइंड व लॉकहीड मार्टिन, रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट और स्वीडन की साब शामिल है। जिसके लिए फ्रांस की डसाल्ट और यूरोप की ईएडीएस को अंतिम होड़ के लिए चुना गया था। जिसमें बाजी फ्रांस की कंपनी डसाल्ट ने बाजी मार ली।












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