दरवाजे पर लटका रहा युवक और दौड़ती रही मेट्रो

एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, यह मेट्रो द्वारका से नोएडा की ओर जा रही थी। जैसे ही मेट्रो ट्रेन करीब 11.30 पर जनकपुरी वेस्ट मेट्रो से रवाना हुई, तो यात्रियों ने देखा कि एक युवक का हाथ दरवाजे में फंस गया है और युवक दरवाजे के बाहर की ओर लटका है। तुरंत मुसाफिरों ने उसका हाथ पकड़ लिया ताकि वह गिरने से बच जाए। इसी लटके हाल में वह जनकपुरी ईस्ट मेट्रो स्टेशन पहुंच गया। इस स्टेशन पर मेट्रो का यह दरवाजा खुल नहीं पा रहा था तब इमरजेंसी में पहुंचे मेट्रो के कर्मचारियों ने मैनुअल तरीके से दरवाजे को खोला। फिर जख्मी युवक को मेट्रो के स्टाफ नजदीकी अस्पताल ले गए।
मेट्रो परिचालन के इतिहास में यह चौथा हादसा है। इससे पूर्व राजीव चौक से नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन के बीच एक युवक का हाथ फंसने का हादसा हुआ था। जबकि दूसरी घटना चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन से कैदी को कश्मीरी गेट की ओर ले जा रहे पुलिसवालों के साथ हुआ था। इस हादसे में कैदी बाहर की ओर लटका रह गया था।
दिल्ली मेट्रो दुनिया का पहला ऐसा रेलवे नेटवर्क बना है जिसे संयुक्त राष्ट्र ने ग्रीन हाउस गैसों में कमी लाने के लिए कॉर्बन क्रेडिट दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही मे कहा था कि कि इस परिवहन प्रणाली ने शहर का प्रदूषण स्तर एक साल में 6,30,000 टन कम किया है अब दिल्ली को सात सालों के लिए 95 लाख डॉलर कार्बन क्रेडिट के तौर पर मिलेंगे। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या बढ़ती जाएगी ये राशि और बढ़ जाएगी.संयुक्त राष्ट्र के 'स्वच्छ विकास तंत्र' यानी क्लीन डेवलपमेंट मैकेनिज़्म की योजना के तहत कार्बन क्रेडिट दिया जाता है।












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