सुखराम की जमानत याचिका पर सुनवाई कल

पीठ ने नौ जनवरी को सुखराम को अंतरिम जमानत प्रदान कर दी थी। उन्होंने मामले में अपनी तीन साल कैद की सजा काटने के लिए एक निचली अदालत के समक्ष समर्पण कर दिया था। शीर्ष अदालत ने घोष और राव को भी 16 जनवरी तक अंतरिम जमानत प्रदान कर दी थी। पिछले साल 21 दिसंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के 2002 के फैसले को बरकरार रखा था।
जिसमें सुखराम घोष और राव को सरकारी खजाने को चूना लगाने की आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया गया था। घोटाले का यह मामला हैदराबाद की एडवांस्ड रेडियो मास्ट्र्स को दूरसंचार उपकरणों की आपूर्ति का ठेका देने से जुड़ा है। इस कंपनी ने दूरसंचार विभाग को अधिक कीमतों पर घटिया गुणवत्ता के उपकरणों की आपूर्ति की थी।












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