कोई चोर उचक्का नहीं, समाजसेवी है रामदेव पर स्याही फेंकने वाला

कामरान दिल्ली के जाकिर नगर का रहने वाला है। उसने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून का पढाई की है। यानी वह एडवोकेट है। कई सालों से जाकिर नगर में रियल काज नामक एनजीओ चलाता है। उसकी ओखला में प्राइवेट सिक्युरिटी एजेंसी भी है। वह निगम पार्षद का चुनाव भी लड़ चुका है। 2007 के नगर निगम चुनाव में उसने जाकिर नगर वार्ड से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाई थी, लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा था। उसे महज 266 मत मिले थे।
मूल रूप से लखनऊ का रहने वाला 39 साल का सिद्दीकी बटला हाउस मामले को लेकर कई याचिकाएं अदालतों और मानवाधिकार आयोग के समक्ष दायर की थीं। रामदेव के संवाददाता सम्मेलन खत्म होने से ठीक पहले सिद्दीकी ने रामदेव के सामने आकर उनसे पूछा, आपका बटला हाउस मुठभेड़ पर क्या कहना है? रामदेव ने इस सवाल को अनसुना कर दिया और इतने में ही इस व्यक्ति ने रामदेव पर स्याही फेंक दी।
कामरान की भतीजी राफिया कामराम की पिटाई से दुखी हैं। उसने कहा कि कामरान चाचा 15 सालों से सामाजिक कार्य कर रहे हैं। वे मुफ्त इलाज की डिस्पेंसरी चलाने के साथ ही बच्चों के लिए किताबों का इंतजाम करते हैं। उनके साथ हुई हाथापाई से परिवार बेहद सदमें है। उसने कहा कि यदि आपको विश्वास नहीं होता तो आप नगर के पूरे इलाकों को छान मारिए आपको कई जगह कामरान चाचा के बोर्ड मिल जाएंगे जिसमें मुफ्त इलाज की सूचना है।
वहीं राफिया ने खुलासा किया कि जब कामरान चाचा घर से निकले तो उनसे साथ एक पत्रकार भी था। दोनों साथ ही निकले थे। हालांकि वह पत्रकार कौन था इसके बारे में परिवार के लोगों को पता नहीं है। वैसे कामरान के भाईजान स्याही की घटना को गलत मानते हैं और कहते हैं कि कामरान को स्याही नहीं फेंकना चाहिए था।
कामरान एक बार हो चुका है गिरफ्तार
बाबरी मस्जिद में नमाज पढ़ने को लेकर कामरान गिरफ्तार हो चुका है। कामरान औऱ उसके पच्चीस साथी जब बाबरी मस्जिद जा रहे थे तो पुलिस ने एहतियातन उसे नोएडा में रोक लिया था। औऱ उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया। हालांकि उसे तुरंत रिहा भी कर दिया गया था।
वैसे पुलिस बाबा रामदेव के मामले की गंभीरता को देखते हुए कामरान पर ही निशाना साधना चाहती है जिससे सरकार पर यह तोहमत न आने पाए कि इस घटना के पीछे भी सरकार का हाथ है। इसीलिए कामरान में ही गुणदोष निकाले जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि यदि कामरान पर इतने आपराधिक मामले दर्ज हैं तो पुलिस ने इस मामले में उसकी अभी तक गिरफ्तारी क्यों नहीं की। वैसे चर्चा है कि स्याही विवाद को कामरान के मत्थे मढकर पुलिस सरकार को बचाने की फिराक में है। जिसपर पहले से ही बाबा रामदेव को परेशान करने, प्रताड़ित करने के आरोप हैं।












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