राहुल 'चार्मिंग तो 'अखिलेश' हैं बिंदास युवराज
ऐसी ही बानगी दिखी राजधानी लखनऊ में, जहां सपा की युवा इकाई समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने कहा कि राहुल की छवि एक बड़े घराने के युवराज की है, जिसे देखने के लिए शौकिया तौर पर लोग सड़कों पर उतर आते हैं जबकि सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव की छवि सड़कों पर उतरकर संघर्ष करने वाले युवा नेता की है।
ना चाहते हुए भी अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच में तुलना शुरू हो गयी है। दोनों को ही सांसदो को राजनीति विरासत में मिली है। दोनों ही अपने पिता के बनाये रास्तों पर चल रहे हैं लेकिन आधुनिकता का चोला पहन कर। यूपी में दोनों ही युवा नेता के रूप में खद्दर का कुर्ता-पैजामा पहने वोटरों को रिझाने के चक्कर में घूम रहे हैं। दोनों ही चुनावों में विकास की बात कर रहे हैं।
हमेशा जातिवाद और आरक्षण की बात करने वाली सपा ने इस बार अपना चुनावी बिगुल अखिलेश यादव के नक्शे -कदम पर फूंका है। इस बार अखिलेश की अगुवाई में निकला उसका क्रांति दल देश की तरक्की की बात करता है। तो वहीं कांग्रेस महासचिव ने दलितों, मुसलमानों की तरक्की की बात करके लोगो को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।
दोनों ही राजनीतिक बेटों का मकसद सिर्फ अपनी पुरानी पहचान को फिर से जिंदा करना है। देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी की मोहक छवि इस चुनाव में काम आती है या फिर अखिलेश यादव का जिंदादिल अंदाज वोटरों को लुभा पाता है। इतना तो तय है कि इस जंग को जो जीतेगा वो ही देश का असली युवराज होगा।













Click it and Unblock the Notifications