फेसबुक पर सेना ने खींची लाइन ऑफ कंट्रोल

नियमों और निर्देशों की अवहेलना करते हुए पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। चूंकि फेसबुक और इस तरह की साइट एक अंजान व्यक्ति से भी रिश्ता बनाने का काफी आसान जरिया है। ऐसे में सेना को डर है कि कहीं इन सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर दी गई सूचनाओं से सेना और सैन्यकर्मी परेशानी में न पड़ जाएं। कुछ सूचनाएं सेना की योजनाओं तक से पर्दा हटा सकती हैं। इतना ही नहीं, हनीट्रैप्स यानी विपरीत लिंग के इस्तेमाल से भी सैनिकों को फांसकर सूचनाएं हासिल की जा सकती हैं।
एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के अनुसार सैन्य कर्मियों को दफ्तर में इंटरनेट की सुविधा नहीं होती। एक इंट्रानेट कनेक्शन होता है, तो सैन्यकर्मी और उसके देश भर में फैले सेना के प्रतिष्ठानों से जोड़ता है। इतना ही नहीं, दफ्तर में निजी ई-मेल आइडी के इस्तेमाल की भी मंजूरी नहीं है। अगर जो घर में भी कंप्यूटर या इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए भी गाइडलाइंस हैं। निर्देशिका में साफ तौर पर कहा गया है कि वे क्या कर सकते हैं और क्या ऐसी सूचनाएं हैं जो घर से भी नहीं दे सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications