लोकपाल पर संकट, कांग्रेस ने मांगा भाजपा से समर्थन

गौरतलब है कि सरकार ने लोकपाल बिल को बुधवार को राज्य सभा के पटल पर भी रख दिया। राष्ट्रपति ने इस बिल में संशोधनों के बाद इसे राज्य सभा में पेश करने की इजाजत दे दी। लोकपाल बिल पर चर्चा और वोटिंग गुरुवार को होगी जो कि इस शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन है। सरकार गुरुवार को राज्य सभा में लोकपाल बिल को पास कराने की कोशिश करेगी। जिसके लिए बहुमत करने के लिए उसे 122 सीटों का बहुमत साबित करना होगा।
अगर आंकड़ों पर गौर करें तो यूपीए सरकार राज्य सभा में लोकपाल बिल पेश करा ले जाए ऐसा मुश्किल नजर आ रहा है। सरकार के पास बहुमत के लिए जरूरी सीटें नहीं हैं। कांग्रेस और घटक दलों को मिलाकर कांग्रेस 100 का आंकड़ा भी नहीं पार कर पा रही है। उसके कुछ सदस्यों की संख्या 98 तक पहुंच रही है। जिनमें से कांग्रेस के पास 71 सांसद, डीएमके के 7 सांसद, एनसीपी 7 सांसद, तृणमूल 6 सांसद, नेशनल कांफ्रेंस 2 सांसद व आरएसडी के पास 1 सांसद हैं। कुछ अन्य सांसदों को मिलकार सरकार 100 से भी पीछे रह जाती है।
अगर विरोधी पार्टियों का ईसीजी देखें तो यह सरकार की धड़कनें रोकने वाला नजर आ रहा है। राज्य सभा में सरकार बहुमत से बाहर और विपक्ष का बहुमत मजबूत नजर आ रहा है। विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर बहुमत के लिए जरूरी 122 सीटें पूरी करती हुई नजर आ रही हैं। जिनमें बीजेपी के पास 51 सांसद, जेडीयू 8 सांसदद, शिवसेना 4, अकाली दल 3 सांसद, सीपीएम 13 सांसद, सीपीआई 5, बीजेडी 6, एआईएडीएमके 5 व आईएनएलडी के पास एक सांसद है। इसके अलावा आरजेडी के पास 4 सांसद हैं।












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