लेह में तापमान पहुंचा शून्य से 16 डिग्री नीचे

सुबह और शाम को सड़कों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा नजर आता है। सबसे बुरा हाल लद्दाख और कश्मीर घाटी का है। कश्मीर में नलों में पानी जम गया है। पानी के अन्य स्रोत भी जमना शुरू हो गए हैं। हाल यह है कि सुबह पानी लेने के लिए लोगों को नलों के नीचे आग जलानी पड़ रही है। लद्दाख में तो लोगों की ठंड से हड्डियां कांप रही है। जम्मू में भी ठंड अपना असर दिखा रही और ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह ओस का हल्का जमना शुरू हो गया है। फिलहाल राहत के आसार नहीं है।
अगले चौबीस घंटों के दौरान रियासत के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। हालांकि, मैदानी इलाकों में मौसम खुश्क रहेगा। ठंड से रियासत जम सी गई है। जनजीवन सबसे बुरी तरह लद्दाख और कश्मीर में प्रभावित हुआ है। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बुधवार सुबह लेह में न्यूनतम तापमान माइनस 16.0 और कारिगल में माइनस 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 4.7 डिग्री सेल्सियस, गुलमर्ग में माइनस 8.4 और पहलगाम में माइनस 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू में भी रात का पारा लगातार सामान्य से नीचे चल रहा है। मंगलवार रात को जम्मू का तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री कम है।
उधर यूपी में शीतलहर के चलते आगरा में पारा 0.9 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक अगर इसी तरह शीतलहर जारी रही तो आगरा में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री को छू सकता है। पहाड़ों से आ रही उत्तरी हवाओं का प्रकोप बढ जाने से तापमान में आई गिरावट से गलन व ठिठुरन इस कदर बढ़ गई है कि लोगों का जीना दूभर हो गया है। आने वाले दिनों में मौसम के और उग्र होने से सर्दी क्या रंग दिखाएगी कहना मुश्किल है। कोहरे के कारण पिछले 24 घंटे के दौरान जयपुर-ग्वालियर और दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग तीन दर्जन गाड़ियां आपस में भिड़ी जिसमें बीस लोग घायल हुए और एक युवक की मौत हो गई। कोहरे की वजह से रेल यातायात पर भी बुरा असर पड़ रहा है।












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