अन्ना हजारे ने कहा मुंबई में ही होगा अनशन

दिन भर चली उठापटक के बाद आखिरकार अन्ना हजारे ने खुद कयासों पर विराम लगा दिया। अन्ना ने मीडिया से कहा कि उनका अनशन दिल्ली के रामलीला मैदान में नहीं बल्कि मुंबई के एमएमआरडीए मैदान पर ही होगा। जब उनसे पैसे के बारे में पूछा गया तो वो बोले ईश्वर ने चाहा तो पैसे का इंतजाम हो जायेगा। उधर टीम अन्ना के करीबियों ने बताया कि कई एनजीओ अन्ना के समर्थन में आगे आ गये हैं। हालांकि कौन कितना पैसा देगा यह अभी तय नहीं हुआ है। ताजा समीकरणों को देखते हुए अन्ना का अनशन मुंबई में होना लगभग तय है।
इससे पहले टीम अन्ना की याचिका पर अदालत ने कहा कि वो फैसला नहीं कर सकती है कि आंदोलन जनहित में है या राजनीति से प्रेरित है। एमएमआरडीए मैदान को लेकर टीम अन्ना की अपील खारिज अदालत ने यह भी कहा कि वह सरकार को आजाद मैदान में बंद क्षेत्र के दरवाजे खोलने का निर्देश नहीं दे सकती। जिसके लिए भी टीम अन्ना ने 27 दिसंबर से अनशन की इजाजत मांगी।
न्यायमूर्ति पी बी मजूमदार और न्यायमूर्ति मृदुला भाटकर की खंडपीठ ने हजारे के आंदोलन से जुड़े़ इंडिया अगेंस्ट करप्शन से संबद्ध जागरुक नागरिक मंच द्वारा दाखिल याचिका खारिज करते हुए कहा, हम चिंतित हैं कि इस तरह के मामलों पर अदालत फैसला नहीं दे सकती। यह अदालत निर्णय नहीं ले सकती कि आंदोलन जनहित में है या राजनीति से प्रेरित। न्यायमूर्ति मजूमदार ने कहा, यह नहीं कहा जा सकता कि याचिकाकर्ता एमएमआरडीए में एक राष्ट्रीय आयोजन करने जा रहे हैं, जिसके किराये में छूट की मांग की गयी है।
अदालत ने कहा कि याचिका खारिज करने की एक वजह यह भी है कि याचिकाकर्ता एक पंजीकृत सामाजिक संगठन नहीं है जो कि एमएमआरडीए से छूट के लिए अनिवार्य शर्त है। याचिकाकर्ता के वकील महेंद्र घेलानी ने जब अदालत से कहा कि वे एक पंजीकृत संगठन के माध्यम से एमएमआरडीए को एक अन्य आवेदन देंगे तो अदालत ने कहा कि वे ऐसा कर सकते हैं और प्राधिकरण इस पर विचार कर अपने विवेक से फैसला कर सकता है।












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