सरकार ने पूछा कि चिंदबरम से इस्तीफा क्यों लें?

लेकिन सरकार ने विरोधियों से पूछा है कि आखिर वह चिंदबरम का इस्तीफा क्यों लें? कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि कोर्ट ने आज न्यायिक प्रक्रिया के तहत एक काम किया है। इस बात से ना तो यह साबित होता है कि चिंदबरम दोषी हैं और ना ही उन्होंने कोई गलत काम किया है। फिर किस आधार पर उनसे इस्तीफा ले लिया जाये। ये विपक्ष की दादागिरी है कि वो किसी ना किसी बात पर रोड़े अटका कर संसद के काम में बाधा उत्पन्न करती है।
गौरतलब है कि पटियाला हाउस कोर्ट ने जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी की अर्जी मंजूर कर ली है। कोर्ट ने मामले में गवाहों से सशर्त पूछताछ की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने सीबीआई के ज्वाइंट निदेशक और वित्त मंत्रालय के अधिकारी एस एस खुल्लर से भी बातचीत की इजाजत दी है। लेकिन इसके पहले उन्हें 17 दिसंबर को गवाह के तौर पहले गवाही देनी पड़ेगी।
मालूम हो कि जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने चिदंबरम के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की थी और चिंदबरम पर आरोप लगाया था कि साल 2008 में जब चिदंबरम वित्त मंत्री थे तो उन्हें 2जी आवंटन की पूरी जानकारी थी। स्वामी के मुताबिक इस घोटाले के जनक चिंदबरम और राजा है।












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