नीतीश के सुशासन में गायब हो रही हैं बेटियां

आईबीएन7 न्यूज चैनल की मानें तो जितनी भी लड़कियां गायब हुई हैं वह पटना सिटी की ही रहने वाली हैं। ज्यादातर लड़कियां उस समय गायब हुईं जब वह कॉलेज जा रहीं थी या फिर कोचिंग। तो इस बात से साफ चुका है कि बेटियों को गायब करने वाले वारदात से पहले पुलिस की परवाह नहीं करते। पुलिस ने हर मामले में एफआईआर तो दर्ज कर लिया मगर उन्हें ढूंढने में नाकाम रही। इस मामले में पटना एसपी सीटी (वेस्ट) का कहना है कि इस तरह के जो भी मामले आए हैं उनमें मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। बहुत ऐसे मामले हैं जिनमें लड़कियां वापस आई भी हैं। बाकी मामलों का अनुसंधान चल रहा है। समय-समय पर रिव्यू किया जाता है और मामले की जांच भी की जा रही है। उनका कहना है कि अभी किसी का भी केस बंद नहीं किया गया है।
बेटियों का नीतीश के सुशासन से सवाल
नीतीश के सुशासन में बिहार की राजधानी पटना से बेटियां लागातार गायब हो रही हैं। ये वहीं बेटियां हैं जिन्होंने नीतीश को दूसरी बार मुख्यमंत्री बनाने के लिये बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। नीतीश के शासन की तारीफ की और सुशासन के दावों पर यकिन करते हुए खुलकर मतदान किया। ऐसे में पिछले एक साल में पटना सिटी से गायब होने वाली जवान लड़कियों के यह आकंडे़ बता रहें कि बिहार पुलिस कितनी सजग है, कितनी चुस्त है, कितनी संवेदनशील है और अपनी तफ्तीश कितनी संजिदगी से करती है। आपको बताते चलें कि नीतीश कुमार जब दूसरी बार मुख्यमंत्री बनें उस समय सबसे ज्यादा वोट महिलाओं ने ही दिया था।
गायब होती लड़कियों के पीछे दलालों के बड़े रैकेट का हाथ
प्रयास भारती एनजीओ बिहार में बेटियों की सुरक्षा से जुड़े काम करती है। उसकी मानें तो बिहार की राजधानी से एक के बाद एक गायब होती लड़कियों के पीछे कोई बड़ा रैकेट है। घर वाले भी कह रहे हैं कि उनकी लड़कियों का कोई अफेयर नहीं चल रहा था। ऐसे में पुलिस के सामने अपनी साख बचाने की बड़ी चुनौती है। एनजीओ का मानना है कि राजधानी में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो लड़कियों को उड़ा ले जा रहा है।












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