हरियाणा: अब एक ऑटो में सिर्फ 11 बच्चे

सोमवार को सांकेतिक हड़ताल के बाद शहर के ऑटो वाले ज्यादा किराए के एवज में इसके लिए तैयार हो गए हैं। अब प्रदेश के बाकी जिलों में इसे लागू करवाने की तैयारी है। हम आपको बता दें कि शुक्रवार को हिसार में स्कूली ऑटो पलट जाने से छठी क्लास के एक बच्चे मौत हो गई थी। पांच बच्चे घायल हो गए थे। हाल ही में ट्रैफिक पुलिस ने तय क्षमता से अधिक बच्चे वैन में बैठाने को लेकर कई वैन चालकों के चालान काटे थे।
इसे लेकर सोमवार को चालकों ने सांकेतिक हड़ताल किया था। हड़ताल खत्म होने से जहां अभिभावक राहत की सांस ले रहे हैं वहीं खर्च बढऩे से मायूस भी हैं। अब तक एक वैन या ऑटो में 15 से 20 बच्चे बैठाए जाते थे। एनआईटी दो में रहने वाले वैन मालिक मनीष गांधी का कहना है कि नाजायज वसूली नहीं की जाएगी। उचित किराया ही लिया जाएगा, ताकि ड्राइवर, तेल का खर्च निकल सके।
पहले एक बच्चे पर औसतन 250 से 300 रुपए खर्च पड़ता था। इसमें 400 से लेकर 550 रुपए तक की बढ़ोतरी होगी। गांधी के अनुसार सभी अपने रूट के अनुसार किराया तय करेंगे, जिससे वैन मालिकों को घाटा नहीं हो सके। मालिकों से अपील की गई है कि मनमाना किराया नहीं वसूला जाए। शहर में करीब 800 से स्कूली वैन और इतने ही स्कूली ऑटो।












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