टीम अन्ना की अहम सदस्य किरण बेदी पर चलेगा मुकदमा

दिल्ली के पटियाला हाउस ने यह आदेश अधिवक्ता देविन्दर सिंह चौहान की शिकायत पर सुनाया है। चौहान की शिकायत याचिका में कहा गया है कि पूर्व महिला आईपीएस किरण बेदी ने अपने ट्रस्ट इंडिया विजन फाउंडेशन के अंदर 'मेरी पुलिस' नाम से बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ और राज्य पुलिस संगठनों के अधिकारियों के लिए नि:शुल्क कम्प्यूटर ट्रेंनिग कार्यक्रम चलाया था। मगर उन्होंने ट्रेनिंग के बदले में प्रत्येक व्यक्ति से 15-15 हजार रुपये वसूले थे।
आरोप के अनुसार, किरण ने वेदांता के साथ दान समझौता किया। इसके तहत छह हजार वेदांता की ओर से उनके ट्रस्टों (इंडिया विजन फाउंडेशन और नवज्योति फाउंडेशन) को इस झूठे आधार पर दिए गए कि किरण बेदी ने कथित केंद्रों की गतिविधियां चलाने के लिए भूमि और बिजली की व्यवस्था की है। जबकि, यह व्यवस्था पुलिस संगठनों की ओर से की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार बेदी ने एक कम्प्यूटर 50 हजार रुपये में खरीदा दिखाया, जबकि इसकी कीमत 20 हजार रुपये थी। साथ ही किरण बेदी ने अपने रिश्तेदारों को तवज्जों दी थी।
इंडिया विजन फाउंडेशन और नवज्योति फाउंडेशन ने बिल्डिंग का किराया भी नहीं दिया गया। आरोप है कि इस काम के लिए 'वेदांता फाउंडेशन' से जमीन के किराए के तौर पर 'इंडिया विजन फाउंडेशन ने 6000 रुपये महीने के हिसाब से पैसे वसूले, जबकि जमीन सरकारी थी। इतना ही नहीं आरोप यह भी है कि माइक्रोसॉफ्ट से 50 लाख रुपये का डोनेशन लिया गया और उसे यह बताया गया कि हम मुफ्त में कम्प्यूटर शिक्षा दे रहे हैं।
किरन ने माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा है, 'मुझे एफआईआर के बारे में बताया गया है, लेकिन मेरे लिए कुछ भी अजूबा नहीं है और इससे मुझे और काम करने की शक्ति मिलेगी।'आपको बता दें इससे पहले भी किरण बेदी के ऊपर हावई किराये में हेरा-फेरी आरोप लगा था।












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