मिस्र की सेना ने सत्ता छोड़ने से किया इन्कार
काहिरा।
मिस्र के सत्तारूढ़ सैन्य शासन ने आज तत्काल सत्ता छोड़ने संबंधी लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों की मांगों को खारिज कर दिया, लेकिन कहा कि संसदीय चुनावों को तय समय पर कराया जाएगा। दूसरी तरफ, सुप्रीम काउंसिल आफ आम्र्ड फोसर्ज (एससीएएफ) ने प्रदर्शनकारियों की मौत पर खेद जताते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला चलाने का वादा भी किया। id="toptextpromo">सैन्य
शासकों ने यह घोषणा गत छह दिनों से सड़कों पर जारी हिंसा में कम से कम 39 लोगों के मारे जाने और तीन हजार से अधिक लोगों के घायल होने के बाद अस्थायी संघर्षविराम लागू होने के बीच की है। एससीएएफ के सदस्य जनरल मुख्तार अल-मुल्ला ने कहा कि लोगों ने हम पर विश्वास कर हमारे हाथों में एक अभियान सौंपा हैं। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>अगर
हम इसे अभी छोड़ देते हैं तो यह लोगों के साथ विश्वासघात होगा। विरोध प्रदर्शनों को शांत करने वाले कदम के तहत मुल्ला ने संवाददाताओं से कहा कि हमारा मकसद सत्ता में रहना या सत्ता का त्याग करना नहीं है। बल्कि लोगों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को पूरा करना है।











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