रोहतक: रैगिंग को लेकर छात्रों में गुटीय संघर्ष

कूड़ा डालने को लेकर उपजा विवाद
बताया जा रहा है कि कालेज के छात्रावास में एक छात्र द्वारा दूसरे छात्र के कक्ष के सामने कूड़ा डालने से विवाद उपजा था। मामला यहां तक बढ़ चला कि रात्रि साढ़े तीन बजे के आसपास छात्र गुटबंदी कर प्रथम वर्ष के छात्रों के आवास में घुस कर डंडे, पाईप आदी से भवन में तोड़ फोड़ शुरू कर दी व छात्रों पर हुए वार से दस छात्र घायल हुए हैं। घायलों में दीपक, अंशुल, निवास कुमार, गौत्तम, अवनिस, दुर्गा नंद, अंकित, राकेश, योगेश तथा अजय कुमार घायल हुए हैं। घायल एक दूसरे पर मारपीट करने व गाली गलौच देने आरोप लगा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों को दिए बयान में घायल छात्रों व रोष व्यक्त कर रहे छात्रों ने इसी तरह के बयान लगाये हैं।
प्राचार्य व पुलिस ने रैंगिग से किया इंकार
पुलिस अधीक्षक बी सतीश बालन ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते बताया कि पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी व दोषी को किसी भी सूरत में बक्सा नहीं जाएगा। आरोप के मुताबिक रैगिंग की सम्भावनाओं से स्पष्ट इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि यह गुटीय संघर्ष है प्रथम दृष्टिया में आरोपियों के आरोप मिथ्या पूर्वक लग रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की गम्भीरता को देखते हुए कालेज को 30 नवम्बर तक बंद रखने के निर्देश कालेज प्रशासन को दे दिए गये हैं।
कालेज के प्राचार्य प्रो.डा अजय अग्रवाल से इस घटना के सम्बंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि कालेज के छात्रों के बीच व्यक्तिगत मारपीट हुई है। मारपीट में इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्र है जो आपसी मनमुटाव के चलते भीड़ गये हैं। कालेज प्रशासन ने पूरी सतर्कता के साथ सामंजस्य बनाने का प्रयास किया था। पहले तो ये लोग मान गये थे किंतु देर रात छात्रों में सहसा ही गुस्सा फूट पड़ा जिसमें 8-10 छात्र जरूर घायल हुए हैं। बच्चों के रोष को देखते हुए 30 नवम्बर तक ऐतिहातन कालेज को स्थगित किया है। जब उनसे पूछा गया कि एक पक्ष रैगिंग का आरोप लगा रहा है तो उन्होंने स्पष्ट इंकार करते हुए बताया कि कालेज रैगिंग ना तो पहले कभी हुयी और यह विवाद रैगिंग के चलते हुआ है। बच्चों के परीक्षाएं जारी थी ऐसे में रैगिंग का कोई भी सवाल नहीं उठता।












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