उल्फा नेता चेतिया का भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ

गृह मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो अगले दो महीने के भीतर प्रत्यर्पण संधि को लागू कर दिया जाएगा। प्रत्यर्पण संधि के लागू होने के बाद बांग्लादेश की जेल में 1997 से बंद उल्फा महासचिव अनूप चेतिया को भारत लाना संभव हो सकेगा। तीन दिन तक चली बातचीत के दौरान बांग्लादेश के गृहसचिव मंजूर हुसैन ने देश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर्रहमान के हत्यारे के भारत में छिपे होने का मुद्दा उठाया। भारत की ओर से उनके हत्यारे को ढूंढने में हरसंभव मदद करने के भरोसे के साथ ढाका से इस बाबत अधिक जानकारी देने को कहा गया है। गृह सचिव स्तर की अगले दौर की बातचीत ढाका में होगी।
दोनों देश पारस्परिक कानूनी सहयोग, संगठित अपराधों को रोकने और मादक पदार्थो की अवैध तस्करी रोकने की संधियों को अमली जामा पहनाने पर भी सहमत थे। वहीं बांग्लादेश ने भारत को आशांवित किया है कि उसके देश में भारत विरोधी किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं चल रही है। यदि ऐसा उसकी नजर में आया तो उसकी सूचना वह भारत को देगा। आपको बता दें कि भारत-बांग्लादेश के बीच सीमा का विवाद काफी पहले से है। यदि प्रत्यर्पण संधि लागू हो जाती है तो बहुत कुछ मामला आसान हो जाएगा और पूर्वोत्तर की समस्याओं पर भी लगाम लगाया जा सकेगा।












Click it and Unblock the Notifications