राहुल ने पकड़ा दलित का दामन तो माया पहुंची ब्राह्मणों के पास

पिछले काफी समय से दलितों के घर पहुंचने वाले राहुल गांधी ने जहां अपना दलित प्रेम दिखाकर कांग्रेस के लिए वोट बैंक इक्ट्ठा करने की कोशिश की है, वहीं चुनावों से कुछ समय पहले ही यूपी की सीएम मायावती ने ब्राह्मण कार्ड खेलकर प्रदेश में एक बार फिर से जातीय समीकरण बिगाड़ने की कोशिश की है।
राजनीतिक पुरोधाओं की माने तो जो कुछ भी प्रदेश में हो रहा है, वो बस वोट बैंक की राजनीति ही है। कांग्रेस ने माया के इस कदम को बहका हुआ बताया है, उसका कहना है कि राहुल के दलित प्रेम ने माया की नींद उड़ा दी है तो वहीं माया की ओर से यह कहा जाना कि उनकी पार्टी सभी जातियों का सम्मान करती है, ने लोगों को सोचने का एक और मौका दे दिया है।
जो हवा इस समय प्रदेश में चल रही है उससे तो यही लगता है कि प्रदेश में आने वाल संग्राम राहुल बनाम मायावती हो गया है। क्योंकि ना तो भाजपा और ना ही सपा की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया देखी गयी है। दोनों ही दलों ने अपनी उपलब्द्धियीं गिनाने के बजाय केन्द्र और यूपी सरकार की कमियां ही लोगों को गिनायी है। शायद दोनों ही दलों के पास अपने लिए कुछ भी कहने को नहीं है।
खैर देखना दिलचस्प होगा कि राहुल बनाम माया की यह लड़ाई क्या गुल खिलाती है। राहुल का दलितों के घर रोटी-अचार खाना काम आता है या फिर मायावती द्वारा ब्राह्मणों को दिया सम्मान उन्हें सीएम की कुर्सी तक ले जाते हैं।
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