अपने ही 4 सदस्यों से त्रस्त हैं अन्ना हजारे : राजू पारुलकर

लेकिन राजू को यह चिठ्ठी अपलोठ करने से रोक दिया गया था ऐसा उन्होंने कहा है। राजू का यह भी कहना है कि ये चारों सदस्य अवसरवादी, लोकतांत्रिक और मौकापरस्त हैं। इन्हीं के कारण टीम अन्ना के चार सदस्यों ने इस्तीफा दिया है। हालांकि अन्ना की टीम की ओर से राजू पर ही अन्ना की बातों को तोड़-मरोड़ कर पेश किये जाने का आरोप लगा है?
यहां तक की अन्ना ने खुद कोर कमेटी भंग करने संबंधी मामले में पारुलकर पर अपने विचारों को गलत ढंग से पेश करने का आरोप लगाया था। अन्ना ने कल दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा अन्ना ने कहा था कि वह खुद इस बारे में पारुलकर से बात करेंगे। मैं न तो उन्हें वेतन देता हूं न वे मेरे कर्मचारी हैं फिर भला वे ऐसी बातें कैसे कह सकते हैं? पारुलकर ने अपने मन से सब बातें लिखी हैं, मैं इस पर कार्रवाई करुंगा। पारुलकर ने कहा कि
यह उनकी ईमानदारी और सम्मान पर सवालिया निशान है। मैंने जो कुछ लिखा वह अन्ना की सहमति से लिखा। अरविंद केजरीवाल, सिसोदिया और किरन बेदी अन्ना से अपने हित साध रहे हैं। मुझे मंत्रियों का एजेंट बताया जा रहा है जो दुख की बात है। खैर सच क्या है और झूठ क्या हैं यह आज दिन के दो बजे पता चलेगा, जब अन्ना प्रेस को संबोधित करेगें।












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