संसद का शीतकालीन सत्र 22 नवंबर से

संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने बताया कि राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल से 22 नवंबर से 21 दिसंबर तक संसद का शीतकालीन सत्र बुलाने की सिफारिश की जाएगी। उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में अगले साल होने वाले चुनाव के मद्देनजर सरकार के सामने कई यक्ष प्रश्न हैं।
खास तौर से मुख्य विपक्षी दल भाजपा के खुलकर जन लोकपाल के समर्थन में आने के बाद सरकार के लिए संसद में दिक्कतें ज्यादा बढ़ गई हैं। सरकार के सामने पहली चुनौती तो इस बात की है कि शीतकालीन सत्र में वह लोकपाल को संवैधानिक दर्जा देने वाले विधेयक का प्रारूप पेश कर पाती है या नहीं?
इसके बाद यदि यह विधेयक लटकता है तो राजनीतिक नफा-नुकसान के आकलन के हिसाब से उसे अपनी रणनीति तय करनी पड़ेगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के लिहाज से सबसे अहम भूमि अधिग्रहण विधेयक पारित कराना भी एक बड़ा मुद्दा होगा। संसद के समक्ष लंबित करीब 75 विधेयकों में कम से कम डेढ़ दर्जन अहम विधेयक इसी सत्र में उसे पारित कराने होंगे।












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