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संघ ने नजरिया बदला या मुस्लिम बेगैरत हुए: आजम खां

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Samajwadi Party leader Azam Khan
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में जब दो धर्मगुरूओं की मुलाकात हुई तो सपा नेता आजम खां भड़क उठे। हमेशा कुर्सी की राजनीति करने वाले सपा नेता आजम खां ने कहा कि क्या मुसलमानों को लेकर आरएसएस का नजरिया बदल गया है या फिर मुस्लिम बेगैरत हो गए हैं। भड़कआऊ भाषण देने में माहिर आजम खां ने कहा कि दोनों समुदाय के एक होने की बात करने से पूर्व संघ यह बताए कि क्या बाबरी विध्वसं व गुजरात दंगों में उसका हाथ नहीं था। आजम के इस बयान पर शिया धर्मगुरू कल्बे सादिक ने सिर्फ इतना ही कहा कि उन्हें कुरान की जानकारी नहीं।

आरएसएस के वरिष्ठi नेता केएस सुदर्शन व ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष कल्बे सादिक की मुलाकात हुई तो लोगों ने सोचा कि दोनों समुदायों के बीच बनी खाईं कुछ कम हो जाएगी। दोनों ही धर्मगुरूओं ने मंच पर संयुक्त रूप से एलान किया कि हिन्दू व मुस्लिम समाज के प्रमुख समुदाय है जिन्हें मिलकर कार्य करना चाहिए। समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां इस बात को पचा नहीं सके। उन्होंने तत्काल इसके विरोध में बयान बाजी करना शुरू कर दी।

खां ने कहा कि चुनाव से चंद माह पूर्व मौलाना कल्बे सादिक को इस प्रकार की मुलाकात नहीं करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि मौलाना संघ की साजिश का शिकार हो गए हैं। उन्होंने मौलाना सिर्फ शिया धर्मगुरू ही नहीं बल्कि बोर्ड के उपाध्यक्ष भी हैं अत: इस प्रकार का कोई भी कदम उठाने से पहले उन्हें सोच विचार कर लेना चाहिए था। दोनों धर्मगुरूओं की मुलाकात को चुनावी रंग देते हुए आजम खां ने कहा कि संघ इस प्रकार की मुलाकात कर मीठी-मीठी बातें कर मुस्लिम वोट को बांटने का प्रयास कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मुलाकात ने मुस्लिमों में भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है कि आखिर बाबरी विध्वंस व गुजरात दंगों में आरएसएस की क्या भूमिका थी। उन्होंने कहा कि संघ को भी अपना पक्ष स्पष्टi करना चाहिए कि आखिर जो हुआ था वह क्या था। आम खां ने कहा कि संघ मुसलमानों को हिन्दू बता किसका दिल जीतने का प्रयास कर रहा है।

आजम खां ने यह भी कह डाला कि मौलाना कल्बे सादिक का यूनिटी कालेज जिस जमीन पर बना है उसे श्रम मंत्री रहते हुए एक रुपया महीने की दर पर किराए पर महज तालीम देने के लिए दिया गया था। उनके इस कथन का मतलब तो लोग नहीं समझ सके लेकिन यह अंदाजा अवश्य लगाया गया कि इस संवाद से श्री खां मौलाना को कोई चेतावनी देना चाहते थे।

आजम खां के बयान के बारे में जब श्री सादिक को मालूम हुआ तो उन्होंने कहा कि उन्हें कुरान की जानकारी नहीं। मौलाना ने कहा कि हमारे लिए देश ही सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि कुरान कहती है कि अच्छा कार्य जो भी करे उसका साथ दो वह दोस्त या फिर दुश्मन। आजम का अपना नजरिया है वह इस बात को माने न माने। कालेज की जमीन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मौलाना ने कहा कि आजम ऐसे लोगों में जो अहसान करने के बाद उसे याद दिलाते है इससे अहसान खत्म हो जाता है।

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English summary
Samajwadi Party leader Azam Khan has slammed Muslim Personal Law Board vice president Kalbe Sadik for join hands with RSS leader Sudarshan.
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