आतंकी होने के शक में दो पाकिस्तानी हिरासत में

एटीएस ने उन्हे पिछले दिनों पकड़ा था। मगर पूछताछ और नाम पते की तस्दीक के बाद उन्हें दिवाली के दिन छोड़ दिया। सूत्रों के अनुसार एसओजी को पिछले दिनों खबर लगी कि एक बड़ा अपराधी आतंकवादियों को अपने मंसूबे पूरी कराने में सक्रिय है। तत्काल उसकी रैकी शुरू की गई और उसके चेहरे मोहरे व हुलिया के विषय में जाना गया। उस संदिग्ध के विषय में एसओजी को सटीक सूचना मिली और पुलिस ने अलीगढ़ कलक्ट्रेट के सहारे से घेराबंदी करते हुए चेहरे के आधार पर एक युवक को दबोच लिया। जिस कार में वह था, उसमें दो अन्य युवक भी थे।
उन्हें एक अज्ञात स्थान पर ले जाकर पूछताछ की गई। उसके नाम पते के आई कार्ड आदि देखे गए। बाद में उन्हें तस्दीक कराया गया तो पता चला कि वह तो छुटभइया बदमाश है। वह भी लंबे अर्से से इन गतिविधियों से दूर है। इस आधार पर उसे छोड़ दिया गया। पकड़ा गया दूसरा व्यक्ति का भी आतंकवाद से कोई ताल्लुक नहीं है। एटीएस को भरोसा है कि जल्द ही ये संदिग्ध आतंकवादी पकड़ लिए जाएंगे। देश में आतंकी गतिविधियों को देखते हुए एटीएस की कमांडो विंग ने पिछले सप्ताह सूबे के कई अतिसंवेदनशील केंद्रों की रैकी की।इस दौरान टीम यहां नरौरा परमाणु केंद्र पर भी गई। एटीएस की कमांडो विंग सीटीएस ने नरौरा परमाणु केंद्र की रैकी की।
इस दौरान टीम ने देखा कि अगर यहां कोई घटना होती है तो किस तरह उससे मुकाबला किया जाएगा। दिल्ली के करीब स्थित इस परमाणु केंद्र पर आतंकियों की नजर हमेशा रहती है। हालांकि यहां सुरक्षा की ऐसी व्यवस्था है कि इसे पार पाना हजारो आंतकवादियों के लिए भी कभी मुमकिन नहीं है।












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