अब पत्रकार भी करेंगे मनमोहन सरकार का घेराव
दिल्ली।
उच्चतम न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बावजूद वेतन बोर्ड की रिपोर्ट लागू नहीं करने पर मनमोहन सिंह सरकार की आलोचना करते हुए अखबारों एवं समाचार एजेंसियों के कर्मचारियों ने 14 अक्तूबर को कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का फैसला किया है। एक दशक से अधिक समय से वेतन बढोतरी का इंतजार कर रहे देश भर के हजारों पत्राकारों और गैर पत्राकार कर्मचारियों के शीर्ष संगठन ने संप्रग सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आज कहा कि मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशें लागू नहीं करने के विरोध में नयी दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय सहित देश भर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालयों का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। id="toptextpromo">कान्फेडरेशन
आफ न्यूजपेपर एंड न्यूज एजेंसी इम्प्लाइज आगर्ेनाइजेशन्स की यहां हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में तय किया गया कि 14 अक्तूबर को 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय और हर प्रदेश की राजधानी में स्थित कांग्रेस कमेटी कार्यालयों का हजारों पत्राकार और अन्य अखबारी कर्मचारी घेराव कर प्रदर्शन करेंगे। कान्फेडरेशन की बैठक के बाद इसके महासचिव एम एस यादव ने कहा हमारे नेताओं ने जब इस सिलसिले में जुलाई में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की थी तो उन्होंने कहा था कि वह अपना कर्तव्य निभाएंगे। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>सरकार
पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पत्रकारों ने कहा कि लगता है प्रधानमंत्री जी अपना वायदा भूल गये जबकि खुद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पहल पर मजीठिया वेतन बोर्ड का गठन किया गया था। स्वयं सोनिया ने ही महंगाई की मार झेल रहे श्रमजीवी पत्राकारों और गैर पत्राकार कर्मचारियों का दुखडा सुनने के बाद प्रधानमंत्री से उनके वेतन में जल्द बढोतरी के उद्देश्य से बोर्ड के गठन का रास्ता तैयार करने को कहा था। उन्होंने कहा कि मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशें अब तक लागू नहीं होने से लाखों अखबारी कर्मचारियों और पत्राकारों में जबर्दस्त रोष है।











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