कानपुर में लोहिया समूह के अपहृत अधिकारी की हत्या

कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र में स्थित लोहिया समूह के धागा बनाने वाले संयंत्र में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत गोपाल त्रिपाठी का शव रविवार की सुबह उनके घर के निकट बरामद हुआ। उनका घर चौंधाली गांव में था जहां पास की झाडिय़ों में शव देखने के बाद इलाके में हड़कम्प मच गया। शव मिलने की सूचना पुलिस को दी गयी पुलिस ने शव की शिनाख्त की तो पता चला कि शव त्रिपाठी का था, जिनका दो दिन पूर्व अपहरण हो गया था।
गोपाल त्रिपाठी का अपहरण उस वक्त किया गया था जब वह कार्यालय से अपनी शिफ्ट खत्म करने के बाद चौंधाली गांव स्थित अपने घर लौट रहे थे। अपहरण के बाद काफी देर तक घर वाले उनकी तलाश करते रहे लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला आखिरकार अगले दिन बदमाशों ने फोन करके त्रिपाठी की रिहाई के बदले तीन करोड़ रूपये की मांग की।
कानपुर के पुलिस उप महानिरीक्षक राजेश कुमार राय के अनुसार प्रथम दृष्टiया यह फिरौती के लिये अपहरण का मामला लगता है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की है पुलिस फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ जांच को आगे बढ़ा रही है। पुलिस का कहना है कि हत्या की वजह रंजिश भी सकती है लेकिन अभी तक इस बात के कोई संकेत नहीं मिले हैं। पुलिस ने बताया कि अपहरण के अगले दिन एक व्यक्ति को त्रिपाठी का मोबाइल फोन सड़क के किनारे मिला जबकि दूसरा मोबाइल फोन घटना के काफी देर बाद तक स्विच आफ रहा जबकि इसी फोन पर बदमाशों ने उनकी रिहाई के बदले 72 घंटे के भीतर तीन करोड़ रूपये की फिरौती की रकम मांगी थी।












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