मिर्चपुर दलित हत्याकांड में 15 दोषी करार

Michpur Police Station
हिसार। मिर्चपुर गांव में पिछले वर्ष 70 वर्षीय दलित और उसकी विकलांग बेटी को जिंदा जलाए जाने के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को 97 में से 15 आरोपियों को विभिन्न आपराधिक कृत्यों का दोषी पाया। बहरहाल, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लाऊ ने 15 में से किसी भी आरोपी को हत्या का दोषी नहीं पाया।

गौरतलब है कि गांव में जाटों और दलितों के बीच जातीय विवाद के बाद पिछले वर्ष 21 अप्रैल को ताराचंद नाम के दलित के घर में आग लगाने के मामले में कुलविंदर, रामफल और राजेंद्र को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 'गैर-इरादतन हत्या' के तहत दोषी करार दिया गया है। पंद्रह में से शेष 12 आरोपियों को आगजनी, दंगा करने और अवैध तरीके से एकत्रित होने के हल्के आरोपों का दोषी पाया गया। अदालत ने अपने फैसले में हरियाणा पुलिस की खिंचाई करते हुए कहा कि जिस तरह से इस पूरे मामले से निपटा गया, वह अनुचित था।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पिछले वर्ष नौ दिसंबर को यह मामला दिल्ली की एक अदालत को सौंपा गया था। पीडि़तों ने याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि हरियाणा में उनके मुकदमे की निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है। अदालत ने छह आरोपियों को अवैध तरीके से एकत्रित होने, दंगा करने और पथराव के जरिए संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का दोषी पाया है। छह अन्य को अल्पसंख्यक समुदाय के घरों को आग के हवाले करने का दोषी पाया गया है।

बहरहाल, अदालत ने 82 अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया क्योंकि गवाहों के बयानात से यह साबित नहीं हो सका कि ये आरोपी आग लगाने वाली भीड़ का हिस्सा थे। आरोपियों में नारनौंद पुलिस थाने के एसएचओ विनोद के. काजल भी शामिल थे, जिन्हें हत्या और दंगा भड़काने के आरोपों से बरी कर दिया गया। अदालत अब 29 सितंबर को दोषियों को सुनाई जाने वाली सजा की मात्रा के बारे में दलीलों की सुनवाई करेगी। जिन तीन आरोपियों को धारा 304 के तहत गैर-इरादतन हत्या का दोषी पाया गया है, उन्हें इस धारा के तहत अधिकतम दंड यानी आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा सकती है।

इससे पहले, अदालत ने हिसार जिले के पुलिस अधीक्षक से मिर्चपुर में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। आरोपियों पर हत्या, दंगा, अवैध तरीके से एकत्रित होने, दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, मारपीट करने, शरारत करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं के खिलाफ मुकदमा चला है। आरोपियों पर अनुसूचित जाति-जनजाति 'अत्याचार रोकथाम' कानून के तहत भी धाराएं लगाई गई थीं। आरोप पत्र के अनुसार, आरोपियों ने दंगा भड़काते हुए वाल्मीकि समुदाय के घरों में इसलिए आग लगा दी थी क्योंकि एक दलित का पालतू कुत्ता जाटों के एक समूह पर भौंक रहा था। इस कुत्ते पर जब जाट युवक पत्थर मारने लगे तो एक दलित लड़के ने इसका विरोध किया। इसके बाद हुए दंगे में ताराचंद और उसकी विकलांग पुत्री की मौत हो गई।

फैसले के मध्यनजर प्रशासन रहा अलर्ट

मिर्चपुर कांड के फैसले के मध्यनजर शनिवार को प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। शनिवार अल सुबह पुलिसबल को सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात कर दिया गया। इसके अलावा पुलिस गश्त को तेज कर दिया। सुरक्षा की दृष्टि से शनिवार सुबह जींद-हांसी, जींद-बरवाला रूटों के टाइम मिस किए गए। जिले में सुरक्षा की दृष्टि से 34 रिजर्व लगाई गई वहीं राजकीय रेलवे पुलिस की तीन रिजर्व तथा एक कंपनी आरपीएफ की तैनात की गई है। रेलवे पुलिस सुरक्षा की कमान पुलिस उपाधीक्षक भीम सैन तथा पुलिस उपाधीक्षक हिसार ने संभाली।

काबिलेगौर है कि मिर्चपुर कांड फैसले को लेकर जिलेभर में पुलिस की 34रिजर्व ने डेरा डाला हुआ है। इसके अलावा रेलवे ने भी अतिरिक्त जवानों
को अंबाला से बुलाया गया। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि मिर्चपुर कांड फैसले के चलते जिले में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
फिलहाल फैसला टल गया है। आगामी आदेशों तक पुलिसबल तैनात रहेगा। राजकीय रेलवे पुलिस हिसार के डीएसपी भीम सैन ने कहा कि मिर्चपुर कांड पर फैसले को लेकर रेलवे पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। फिलहाल कर्मचारियों को तैनात रखा गया है। राजकीय रेलवे पुलिस की तीन रिजर्व तथा रेलवे सुरक्षा बल की एक कंपनी को तैनात किया गया है ताकि रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा बनाई रखी जा सके। रेलवे एरिया के अलावा ट्रेनों की चेकिंग भी गहनता से की जा रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+