दिल्ली: 14 साल बाद मिला मौत का प्रमाण

सीनियर सिविल जज गौतम मनन ने अपने फैसले में कहा है कि अदालत में पेश तथ्यों के मुताबिक दिल्ली ट्रांसको कर्मी प्रताप सिंह पिछले 14 वर्ष से गुम हैं। ऐसे में उनकी पत्नी को उनकी मृत्यु के बाद विभाग से मिलने वाली सुविधा नहीं मिल पाई है। दरअसल, विभाग के नियमानुसार जब तक मृत्यु प्रमाण पत्र जमा नहीं कराया जाता तब तक कोई सुविधा नहीं दी जा सकती।
लिहाजा सीनियर सिविल जज ने एमसीडी के कमिश्नर को आदेश दिया है कि जल्द से जल्द दिल्ली ट्रांसको के गुम कर्मी प्रताप सिंह का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया जाए। ताकि उनकी पत्नी और परिजनों को विभाग की ओर से मिलने वाली सुविधा मिल सके। अदालत ने दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड के पेंशन और ट्रस्ट के सचिव को आदेश दिया है कि प्रताप सिंह का जेनरल प्रोविडेंट फंड, फैमिली पेंशन के साथ-साथ विभाग की ओर से मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया कराने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने उक्त आदेश प्रताप सिंह की पत्नी यशोदा देवी की ओर से दाखिल अर्जी पर सुनवाई करने के बाद दिया है। दरअसल, दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड ने मृत्यु प्रमाण पत्र जमा कराए बिना किसी तरह की सुविधा देने से इनकार कर दिया। और एमसीडी ने गुमशुदगी प्रमाण-पत्र जारी करने से इनकार कर दिया था। प्रताप सिंह 23 जुन-1997 से लापता हैं।












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