अब हरिद्वार की जेल में रहेंगे अमरमणि त्रिपाठी

जांच टीम ने पाया कि उनको स्पांडिलाइटिस की समस्या है जिसके लिए भर्ती होने की जरूरत नहीं होती। जांच टीम ने बताया कि उन्हें इलाज के लिए अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान या ऐसे किसी अन्य संस्थान में भेजने की जरुरत नहीं है। पूर्व मंत्री को मात्र फिजियोथेरेपी से उन्हें आराम मिल सकता है। डाक्टरों की रिपोर्ट के बाद अमरमणि को कड़ी सुरक्षा के बीच सडक मार्ग से रात हरिद्वार जेल के लिए रवाना कर दिया गया।
ज्ञात हो कि अमरमणि त्रिपाठी पिछली जुलाई में अपनी मां की अन्त्येष्टि के लिए जेल से बाहर आए थे जिस के बाद उन्होंने अपनी पहुंच के दम पर शासन प्रशासन को धोखा दिया और डेढ़ माह तक वह बीमारी के नाम पर विभिन्न अस्पतालों का चक्कर काटते रहे। बताया जा रहा है कि जब शासन को उनकी कारगुजारियों का पता चला तब तक अन्त में वाराणसी से खुद को एम्स के लिए रेफर करवा चुके थे।
इस घटना के बाद पुलिस महानिदेशक ने वाराणसी के पुलिस उपमहानिरीक्षक को मामले की जांच के आदेश दिये थे और जिला प्रशासन को एक मेडिकल बोर्ड गठित करे और अमरमणि की मेडिकल जांच करा पता लगाए कि वास्तव में वह बीमार हैं या फिर नहीं। आखिरकार रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि अमरमणि को कोई भी गंभीर रोग नहीं है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक कैप्टन एस.के. पाण्डेय का कहना है कि अमरमणि का मुख्य मुकदमा देहरादून में है इसलिए उन्हें हरिद्वार में रखना बेहतर होगा।












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