इस्तीफे के बाद भी चलेगा जस्टिस सौमित्र सेन पर महाभियोग

उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के पीछे एक वजह यह भी मानी जा रही है कि उनका इस्तीफा संविधान के तहत नहीं दिया गया है। अगर कोई जस्टिस अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंपता है तो वह उसकी अपनी लिखावट में होना चाहिए और उस पर उसके अपने हस्ताक्षर होने चाहिए। जस्टिस सेन के इस्तीफे का फॉर्मेट सही न होने की वजह से राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा न्याय विभाग को सौंप दिया है।
अगर जस्टिस सेन पर उनके इस्तीफे के बाद भी महाभियोग की कार्रवाई होती है तो यह खुद में एक इतिहास होगा। वैसे नियमों के हिसाब से अगर कोई जस्टिस अपने पद से इस्तीफा दे देता है तो उस पर महाभियोग की कार्रवाई नहीं चलाई जाती है। जस्टिस सेना का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं हुआ है जिससे उन पर कार्यवाही की उम्मीद है। इस पर आखिरी निर्णय सोमवार तक लिया जाएगा।












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