अन्ना समर्थकों को नुकसान पहुंचा सकती है सरकार: अन्ना हजारे

अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि अन्ना का साफ कहना है कि इस आंदोलन में हिंसा की कोई जगह नहीं हो सकती। न ही किसी भी नागरिक को कोई असुविधा पैदा होनी चाहिए। दूसरे ऐसे प्रदर्शनों या आंदोलनों के मुकाबले बेहद अनुशासित रहे अपने आंदोलन की गरिमा को लेकर टीम अन्ना और सचेत हो गई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे लोकतंत्र बनाम भीड़तंत्र का मुकाबला बता रहे हैं। ये लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ जनभावना को समझने के लिए तैयार नहीं हैं। इसी तरह भ्रष्टाचार के समर्थक आंदोलन को बदनाम करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना सकते हैं। इससे बेहद सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने साफ किया कि जो लोग अन्ना के समर्थन में हैं, वे किसी भी तरह की हिंसा या लोगों को असुविधा पैदा न होने दें।
रविवार को अन्ना ने समर्थकों से अपने अपने सांसदों व मंत्रियों को घेरकर जन लोकपाल के पक्ष में दबाव बनाने का ऐलान किया था। असर तत्काल दिखा और प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह समेत कई कांग्रेस व दूसरी पार्टियों के सांसद अपने ही मतदाताओं के बीच घिरे दिखे थे। कुछ सांसदों ने दबाव में ही आनन फानन मे जनलोकपाल को अपना समर्थन भी दे दिया, लेकिन अंदर रोष है। पार्टी के अंदर इसका विरोध जताया जा रहा है। उनका मानना है कि अन्ना के इस एलान ने उनके विरोधियों को मौका दे दिया है। इससे लोकतंत्र के अंदर अराजक स्थिति खड़ी हो सकती है।












Click it and Unblock the Notifications