जम्मू कश्मीर में 12 घुसपैठियों ढ़ेर, लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह शहीद

प्राप्त जानकारी के अनुसार अल सुबह गुरेज सेक्टर के किशनगंगा नदी में 12 घुसपैठिये अंधेरे का फायदा उठाकर नियंत्रण रेखा पार कर रहे थे। उसी दौरान मौके पर मुस्तैद भारतीय सेना के जवानो ने उन्हे देख लिया। भारतीय सेना ने मामले को संदिग्ध समझते हुये, उन्हे आत्मसर्मपण करने को कहा, लेकिन नापाक इरादे से भारतीय सरहद में दाखिल हुये उन घुसपैठियों ने सेना पर गोलियां चलानी शुरू कर दी।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जे एस बरार के अनुसार आंतकियों द्वारा गोलियां चलाने के बाद सेना ने भी उनका मुंहतोड़ जवाब दिया, और आंतकियों पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान दोनो पक्षों में घंटों मुठभेढ़ चली, चुकिं आंतकी अपने साथ भारी मात्रा में असलहा, आदी लायें थे जिनका आतकिंयों ने भरपूर प्रयोग किया। लेकिन सेना के मजबूत इरादों के सामने आतकिंयों की एक न चली और सेना की गोलियों से सभी 12 आतंकी ढेर हो गये।
जहां भारतीय सेना को इतनी बड़ी सफलता मिली वहीं सेना के एक युवा लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह को देश ने खो दिया। नवदीप सिंह मुठभेढ़ के दौरान पुरे साहस के साथ आतकिंयों का जवाब दे रहे थे उसी समय वो आतकिंयों की गोली का शिकार हो गये और देश के लिए लड़ते लड़ते शहीद हो गये। 26 वर्षीय लेफ्टिनेंट नवदीप सिंह पंजाब के गुरदासपुर के निवासी थे। बीते मार्च माह में ही वो कमीशन हुए थे।
इस मुठभेढ के बाद सेना ने सिमा पर सुरक्षा और बढा दी है, साथ ही साथ सेना आस पास के इलाकों में चेकिंग अभियान भी चला रही है। सेना का मानना है कि रमजान के इस पाक महिने में आतकिंयों द्वारा यह पहली घुसपैठ की कोशिश थी। सेना मारे गये आतंकियो के अन्य साथियों की तलाश में आस पास के जंगलों मे छानबीन शुरू कर दी है। सेना और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि सीमा पर आतंकवादियों का एक बड़ा समूह जाड़े की शुरूआत के पहले भारतीय सीमा में घुसपैठ की फिराक में बैठा हुआ है।












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