ना सरकार और ना ही संसद, सबसे बड़ी जनता : संतोष हेगड़े
और अगर कोई सरकार ये सोच लेती है कि वो ही सबसे बड़ी है तो ये उसकी गलतफहमी है। जिसका खामियाजा उसे भुगतना ही पड़ता है। सरकार अपने मन से अन्ना हजारे की भ्रष्टाचार विरोधी के समर्थन में पैदा हुई संवेदनाओं की उपेक्षा नहीं कर सकती। सरकार को अपने आपतकाल एपीसोड के बारे में सोचना होगा कि किस तरह जनता ने तानशाह सरकार को हटाकर सत्ता परिवर्तन करवा दिया था।
हेगड़े ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने अन्ना की टीम पर फब्तियां कसते हुए कहा कि कोई भी कानून संसद में बनता है ना कि सड़क पर प्रदर्शन करने से, तो उन्हें मैं बता दूं कि अन्ना और अन्ना की टीम कोई अपना निजी स्वार्थ नहीं साध रही है। जो हो रहा है वो आम जनता के लिए हो रहा है। सरकार को कमेंट करने के बजाय अन्ना टीम के जनलोकपाल बिल को संसद की स्थायी समिति में रखना चाहिए।
आपको बता दें कि अन्ना हजारे के अनशन का आज पांचवा दिन है। वो इस समय रामलीला मैदान में हैं। हजारों की संख्या में अभी भी लोगो रामलीला मैदान में मौजूद है। अन्ना हजारे के समर्थन में लोग रात रामलीला मैदान में ही बितायी।













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