मनाते-मनाते थक गई पुलिस, फिर भी नहीं माने अन्ना हजारे
नई दिल्ली। बुधवार को दिन भर दिल्ली पुलिस अन्ना हजारे को मनाते-मनाते थक गई, लेकिन अन्ना नहीं माने। अब दिल्ली पुलिस उन्हें स्वास्थ्य कारण बताकर तिहाड़ जेल से बाहर निकालने की तैयारी कर रही है। हालांकि इस मामले पर अगर टीम अन्ना के सदस्यों की मानें तो अब कोर्ट फैसला करेगा कि अन्ना अनशन कहां करें- रामलीला मैदान में या जेपी पार्क में।
बुधवार को अन्ना हजारे दिन भर भूखे-प्यासे तिहाड़ जेल में बैठे रहे। बैठकों के कई दौर चले, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने अन्ना हजारे की छह में से पांच शर्तें मान ली हैं, लेकिन छठी शर्त पुलिस कतई मानने को तैयार नहीं है। छठी शर्त के मुताबिक अन्ना हजारे ने जेपी पार्क या रामलीला मैदान में 30 दिन तक अनशन करने की मांग की है। दिल्ली पुलिस ने सात दिन तक अनशन करने की इजाजत देते हुए रामलीला मैदान देने पर सहमति प्रदान कर दी है। इस सहमति के बाद से रामलीला मैदान की साफ-सफाई भी शुरू हो चुकी है।
इतना होने के बावजूद अन्ना हजारे अड़े हुए हैं। अन्ना किसी भी हाल में अपनी शर्तों से पीछे हटने से इंकार कर दिया है, जिसके बाद सिविल सोसाइटी के एक सदस्य ने बताया कि अब टीम अन्ना कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। क्योंकि दिल्ली पुलिस और अन्ना के बीच कोई फैसला नहीं हो पाया है। अब यदि गुरुवार को टीम अन्ना कोर्ट गई तो वहीं पर फैसला होगा कि अन्ना को 30 दिन के लिए रामलीला मैदान दिया जाये या नहीं।
उधर तिहाड़ जेल के बाहर एम्बुलेंस पहुंचने के बाद कई अन्य कयास लगने लगे हैं। यहां पर एम्बुलेंस पहुंचने से लोगों ने अन्ना की तबियत खराब होने की आशंका व्यक्त की, लेकिन तिहाड़ प्रशासन और अरविंद केजरीवाल ने तुरंत स्पष्ट कर दिया कि अन्ना हजारे की तबियत बिलकुल ठीक है।












Click it and Unblock the Notifications