अन्‍ना का तरीका बिलकुल गलत: मनमोहन सिंह

नई दिल्‍ली। सशक्‍त लोकपाल बिल की लड़ाई लड़ रहे अन्‍ना हजारे पर प्रधानमंत्री ने कहा है वो इस तरह का रवैया अपनाकर सरकार को समय देने के बजाये लोकसभा का अपमान कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि धरना देने व अपनी आवाज़ उठाने का अधिकार सभी को है, लेकिन जो तरीका अन्‍ना अपना रहे हैं, वो बिलकुल गलत है।

प्रधानमंत्री ने सदन में अपना पक्ष रखते हुए कहा- सरकार ने लोकपाल बिल का एक प्रारूप तैयार किया था, जिसे सदन में पेश किया जा चुका है। लेकिन उस बिल से अन्‍ना की टीम संतुष्‍ट नहीं है। लिहाजा अन्‍ना ने सरकार को एक नोटिस दिया कि वो 16 अगस्‍त को अनशन करना चाहते हैं। इसके बाद अन्‍ना को सरकार ने जेपी पार्क में अनशन की सशर्त अनुमति दे दी।

प्रधानमंत्री ने संसद में आगे कहा- दिल्‍ली पुलिस को सूचना मिली कि अन्‍ना हजारे निषेधाज्ञा का उल्‍लंघन करने वाले हैं, जो एक अपराध होगा। लिहाजा पुलिस ने उन्‍हें व उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर अलीपुर कार्यालय में रख दिया। यहां मजिस्‍ट्रेट ने अन्‍ना को रिहा करने का विकल्‍प दिया और उनसे कहा गया कि वो लिख कर दें कि वो निषेधाज्ञा का उल्‍लंघन नहीं करेंगे। इस पर अन्‍ना हजारे ने इनकार कर दिया। इसके बाद अन्‍ना हजारे को तिहाड़ जेल भेज दिया।

प्रधानमंत्री ने सदन में कहा- सरकार ने मंगलवार रात अन्‍ना को रिहा करने के आदेश दे दिये, लेकिन अन्‍ना ने फिर भी इनकार कर दिया। इस बार अन्‍ना के सामने शर्त रखी गई है, कि वो अनशन समाप्‍त कर दें और देश वासियों से प्रदर्शन की अपील ना करें। अन्‍ना का कहना है कि वो जेल से बाहर निकलते ही जेपी पार्क जाएंगे और अनशन जारी रखेंगे। अगर अन्‍ना हजारे यह शर्त मान लेते तो उन्‍हें हम जेल से बाहर जाने की अनुमति दे सकते हैं।

थोड़ी शांति के बाद प्रधानमंत्री ने अपना बयान जारी रखते हुए कहा- अध्‍यक्ष महोदया, अब सवाल यह उठता है कि इस लोकपाल बिल पर अंतिम फैसला कौन करे। अन्‍ना हजारे और उनके सहयोगियों के सामने कई मौके आयेंगे स्‍टैंडिंग कमेटी के सामने अपनी बात रखने की। लेकिन मैं ऐसी किसी परम्‍परा के बारे में नहीं जानता, जिसमें किसी को यह इजाजत दी जाये कि वो संसद के कानून बनाने के हक पर सवाल खड़ा करे।

प्रधानमंत्री ने कहा- मैं यह जानता हूं कि अन्‍ना हजारे एक सख्‍त लोकपाल बिल बनाने की राह पर हैं, लेकिन जिस तरीके से वो आगे बढ़ रहे हैं, वो समाज के लिए सही नहीं है। दिल्‍ली पुलिस ने जो भी किया वो कानून के दायरे में रहते हुए किया। कल जो भी हुआ वो आगे दोहराया नहीं जायेगा। हमारा उद्देश्‍य अन्‍ना हजारे की खिलाफत करना नहीं है। 15 अगस्‍त के अपने संदेश में भी मैंने भ्रष्‍टाचार से निपटने की बात रखी थी। जैसा मैंने कहा था कि हमारी सरकार भ्रष्‍टाचार के खिलाफ नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा- लोकतंत्र में हर तरह की आवाज़ आगे आने का अधिकार है, लेकिन इसका मतलब नहीं है कि कुछ चुनिंदा लोगों की आवाज ही देश के 120 करोड़ लोगों का विचार हो। जनता को सरकार और लोकसभा पर विश्‍वास रखना चाहिये। वैश्विक मंच पर उभरते हुए हम अहम खिलाड़ी हैं, हमें ऐसे माहौल से बचना होगा, जिसमें हमारी आर्थिक राहों पर अढ़चनें आयें। हम हर मुद्दे पर सदन में बहस को तैयार हैं। हम हर उस मुद्दे पर चर्चा को तैयार हैं, जिससे संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चल सके। हमारे सामाजिक मूल्‍य बने रहें, हमारी प्रक्रिया पर लोगों का विश्‍वास बना रहे यही कोशिश करनी चाहिये।

प्रधानमंत्री के वक्‍तव्‍य के दौरान विपक्ष ने रह-रह कर हंगामा किया। बयान देने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री सदन से बाहर चले गये। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ और सदन स्‍थगित कर दी गई।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+