दिल्ली: करोड़ों चुराने वाला घरजमाई गिरफ्त में

23 जुलाई की रात में वसंत कुंज स्थित एक मकान से करोड़ों की चोरी की सूचना मिली। मकान बैंक ऑफ बड़ौदा में कार्यरत हेड क्लर्क हरिश नागपाल का था। हरिश ने बताया कि सुबह वह कार्यालय चला गया। दामाद मनीष शर्मा उसकी पत्नी को सफदरजंग अस्पताल, बेटी को अपने घर और बेटे को सरोजनी नगर मार्केट छोड़कर अपने काम पर चला गया। जब रात में लौटा तो पलंग के बाक्स में रखे करीब 80 लाख रुपये (सरोजनी नगर का प्लॉट बेचने पर मिला था) और करीब 40 लाख के जेवरात गायब थे। चोर दरवाजे पर लगे ताले को तोड़कर प्रवेश किया था।
जांच में पुलिस ने पाया कि हरित नगर, बुराड़ी निवासी उसका दामाद मनीष कार लेकर गायब है और उसका फोन भी काम नहीं कर रहा था। हरिश को उसके परिवार के बारे में कुछ भी नहीं पता है। हरिश ने अपनी विकलांग बेटी की शादी के लिए एक साल पहले अखबार में विज्ञापन दिया था। अपनी बहन के संग आए मनीष ने बताया था कि उसका बहन के अलावा कोई नहीं है। मनीष विजेता के साथ हरिश के घर पर शादी की बात करने पहुंचा था। उसने विजेता को बहन बताया था।
मनीष ने विजेता से वर्ष 2006 में शादी की थी। सर्विंलांस से पुलिस मनीष के परिवार तक पहुंच गई। वहां पता चला कि मनीष शादीशुदा है और उसकी एक बेटी भी है। परिजनों ने बताया कि वह पत्नी संग ससुराल बरेली गया होगा। पुलिस ने वहां से मनीष और उसकी पत्नी विजेता को दबोच लिया। पुलिस को दोनों के पास से 78,26,500 रुपये, बुराड़ी स्थित घर से 40 लाख के जेवरात और कार बरामद की है।
हरिश ने बताया कि उसकी बेटी के मुताबिक मनीष लेदर के पर्स का व्यवसाय करता है। व्यवसाय के सिलसिले में वह मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, गुड़गांव और पश्चिम उत्तर प्रदेश जाता है। जिससे काफी दिनों तक बाहर रहता है। ऐसे में हरिश ने उसके लिए सरोजनी नगर का प्लॉट बेचकर उससे सरोजनी नगर में दुकान लेने का फैसला किया। पुलिस को पता चला है कि मनीष फ्रेंडशिप क्लब भी चलाता था। वह मोबाइल पर युवतियों की आवाज में बातकर करीब 60 लोगों से ठगी कर चुका है। इसके लिए वह करीब 21 सिम और 11 मोबाइल का उपयोग करता था। जिसे उसने फर्जी कागजात से खरीदा था। बाद उसने विजेता संग चिटफंड कंपनी खोली थी और इससे कई लोगों का पैसा लेकर फरार हो गया।












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