सावन विशेष : मेंहदी रंग लाती है...
दोस्तों, हम लगातार आपको महिलाओं के सोलह श्रृंगार के बारे में बता रहे हैं । जानी मानी पत्रिका 'एराउंड द इंडिया' के मई अंक में छपे लेख सोलह 'श्रृंगार की महत्ता' की लेखिका 'कुमद मेहरोत्रा' ने इस विषय पर गहन अध्ययन किया है, जिसके बाद उन्होंने अपनी लेखनी से श्रृंगार का महत्व समझाया है।
कल हमने आपको श्रृंगार नंबर 7 यानी कर्णफूल के बारे में बताया था, आज हम आपको बताते हैं श्रृंगार नंबर 8 के बारे में, जिसें हम 'मेंहदी' कहते हैं। विशेष अवसरों पर लगायी जाने वाली मेंहदी हार्मोन को तो प्रभावित करती ही है। रक्त संचार में भी नियंत्रण रखती है। आजकल पहले की अपेक्षा इसका चलन काफी बढ़ गया है। ये दिमाग को शांत और तेज बनाती है।
इसके साथ ही मान्यता ये भी है कि जिसकी मेहंदी जितनी रंग लाती है, उसको उतना ही अपने पति और ससुराल का प्रेम मिलता है। मेहंदी की सोंधी खुशबू से लड़की का घर-आंगन तो महकता ही है साथ ही लड़की की सुंदरता में भी चार चांद लग जाते हैं। इसलिए कहा भी जाता है कि मेहंदी बिना दुल्हन अधूरी है।













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