जग्गू ने 200 को सुलाया मौत की नींद, 24 और थे निशाने पर

जोगेंद्र उर्फ जग्गू पहलवान लोनी के गांव निठौरा का निवासी है। लोनी के पार्षद सचिन हत्याकांड का वह मुख्य आरोपी है। जग्गू के पास से पुलिस ने पांच लाख रुपये का इटली मेड ब्रेटा पिस्टल, तमंचा, कारतूस, अल्टो और वैगनआर कारें बरामद की हैं। जग्गू के निशाने पर कई पुलिसवाले भी थे, इनमें एसआई अनिल कप्परवान और राशिद अली शामिल हैं। जग्गू ने बताया कि 24 लोगों को मारने को उससे एक करोड़ 20 लाख रुपये की सुपारी तय हुई थी। जग्गू के अनुसार वह सुपारी की रकम आदमी के हिसाब से तय करता है।
किसी को मारने के पांच लाख लेता है तो किसी के 10 लाख। वह एक व्यक्ति को मारने के 20 लाख रुपये तक भी वसूलता है। जग्गू ने कहा 'जिनकी सुपारी ले रखी है और जिनसे रंजिश है, उन सबको जेल से छूटने के बाद एक-एक कर टपकाऊंगा। पार्षद सचिन को इसलिए मारा, क्योंकि वह मेरे अपोजिट ग्रुप से मिल गया था।" 10वीं फेल जग्गू केबल का कारोबार करता है। एमपी और एमएलए का चुनाव जीतकर 'जन सेवा" करना चाहता है। उसकी पत्नी गांव की प्रधान है। उसके पांच बच्चे हैं। जग्गू ने जरायम की दुनिया में वर्ष 1998 में कदम रखा। इसने पहली बार दिल्ली के गोकुलपुरी निवासी हंस कुमार जैन की सुपारी लेकर हत्या की थी।
जग्गू को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद उसके चार साथियों के साथ गाजियाबाद के लिंक रोड क्षेत्र में बीकानेर मोड़ के पास से गिरफ्तार किया है। इसके अन्य साथी हैं, विनोद नागर, सुनील, मनोज और राजेश। राजेश, मनोज और विनोद गौतमबुद्धनगर जिले के रहने वाले हैं, जबकि सुनील लोनी का। विनोद और सुनील पर 5-5 हजार का इनाम है।
गाजियाबाद के एसएसपी रघुवीर दयाल ने कहा कि पुलिस ने पहले जग्गू के साथियों को दबोचा। जब जग्गू को पकड़ने लगे तो उसने पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे एसआई अनिल कप्परवान पर पिस्टल तान दी। कप्परवान ने पकड़े गए बदमाशों को अपने आगे कर लिया। पुलिसवालों ने उसे धमकी दी कि अगर वह कोई चालाकी दिखाएगा तो उसके साथियों को पुलिस मार देगी। पुलिस ने जग्गू को घेरकर उसे दबोच लिया। एसएसपी ने बताया कि जग्गू के खिलाफ गाजियाबाद, दिल्ली औऱ हरियाणा में लूट, हत्या और कब्जा करने के 31 थानों में दर्जनों मुकदमें दर्ज हैं












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