यूपी में बिना मान्यता के स्कूल चलाया तो एक लाख रूपये जुर्माना

राज्य सरकार ने अशासकीय हिन्दी माध्यम के नर्सरी व प्राथमिक विद्यालयों को मान्यता दिये जाने संबंधी मानक एवं शर्ते निधारित कर दी है। नये नियमों के अनुसार शिक्षा के अधिकार के प्रावधानों के तहत ही विद्यालयों का संचालन किया जायेगा। प्रदेश सरकार द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार अब कोई भी विद्यालय बिना मान्यता के संचालित नहीं किया जायेगा। वहीं अब स्कूल संचालित करने लिए मान्यता लेना भी आसान नहीं होगा। एक बार मान्यता मिल जाने पर यदि मानकों की अनदेखी की तो मान्यता रद्द कर दी जायेगी।
पहले से मान्यता प्राप्त विद्यालय भी इन संशोधित मानको को अधिनियम 2009 लागू होने की तिथि से तीन साल में अपने आॢथक स्रोतों से पूरा नहीं करते हैं तो सक्षम अधिकारी
द्वारा मान्यता समाप्त की जा सकती है। जारी शासना देश में यह भी बताया गया है कि यदि कोई भी संस्था बिना मान्यता के विद्यालय संचालित करता है तो उन्हें एक लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा। मानकों का भी समय-समय पर निरीक्षण व जांच की जाएगी यदि कहीं मान्यता के प्रावधानों का उल्लंघन होता पाया गया तो प्रतिदिन दस हजार रुपये की दर से जुर्माना वसूल किया जाएगा।
प्रत्येक विद्यालयों में आग से बचने के लिए अग्निशमन यंत्र मानक के अनुसार स्थापित करना होगा अग्निशमन यंत्र के अतिरिक्त विद्यालय की इमारत भी मानकों को ध्यान में रखते हुए बनायी गयी हो यदि इमारत के निर्माण में किसी प्रकार की खामी पायी गयी तो भी मान्यता रद्द हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार इसलिए किया गया क्योंकि कई स्थानों पर विद्यालयों की इमारत के निर्माण में मानकों की अनदेखी की गयी तथा दीवार आदि गिरने से छात्रों को काफी चोटें आयी अत: अभी मानको के दायरे में सभी बिन्दुओं को सम्मिलित किया गया है।












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