अवैध खनन: लोकायुक्त ने 10 हजार पन्नों वाली रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी

अपनी रिपोर्ट में हेगड़े ने कहा है कि राज्य सरकार ने अवैध खनन को रोकने के लिए कुछ नहीं किया। अवैध खनन के लिए मुख्यमंत्री के परिवार ने खनन के इलाके की जमीन एक खनन कंपनी को 20 करोड़ में बेची थी। इसके अलाव एक खनन कंपनी ने मुख्यमंत्री के परिवार के ट्रस्ट को 10 करोड़ रुपए डोनेशन के रूप में भी दिए थे। उन्होंने कहा कि कारवार इलाके में अवैध खनन की वजह से जब्त किया गया लोहा भी वहां से गायब है। हेगड़े ने कहा कि इस रिपोर्ट में सब शामिल किया गया है कि किस तरह से राज्य सरकार ने अवैध खनन को जारी रहने दिया।
संतोष हेगड़े ने अपनी रिपोर्ट की कॉपी राज्यपाल को सौंपने के बाद प्रेस कॉफ्रेंस भी आयोजित की। जिसमें उन्होंने कहा कि अब राज्यपाल ही मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। मैंने अपना काम पूरा कर दिया है। इसके बाद की कार्रवाई राज्यपाल द्वारा ही की जाएगी। संतोष हेगड़े ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में कोर्ट उचित कार्रवाई करेगा। संतोष हेगड़े ने अवैध खनन पर अपनी रिपोर्ट तैयार करने में सीबीआई और आयकर विभाग की भी मदद ली है जिसने राज्य में हो रहे अवैध खनन की जांच की थी।
संतोष हेगड़े की यह रिपोर्ट पेश होने से पहले ही लीक हो गई थी। जिस वजह से अवैध खनन घोटाले में शामिल नामों का पहले ही खुलासा हो चुका है। संतोष हेगड़े ने रिपोर्ट लीक करने और उनकी फोन कॉल रिकॉर्ड करने का आरोप भी राज्य सरकार पर लगाया था। रिपोर्ट के लीक होने के बाद से बीएस येदुरप्पा की कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा है। बीजेपी ने भी उनसे इस्तीफे की पेशकश कर दी है। लेकिन येदुरप्पा ने अपना अडि़यल रुख अपनाया हुआ है। उन्होंने कहा है कि वे अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और इस्तीफा देने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है।
इस अवैध खनन में राज्य सरकार के जिन 4 अन्य मंत्रियों के नाम शामिल हैं वे जी जनार्दन रेड्डी, जी करुणाकर रेड्डी,बी श्रीरामुलु और वी.सोमन्ना हैं। हेगड़े ने अपनी रिपोर्ट में इस अवैध खनन घोटाले में 600 सरकारी अधिकारियों और लगभग 100 खनन कंपनियों का जिक्र किया है। अवैध खनन पर तैयार अपनी रिपोर्ट के लीक होने के बाद संतोष हेगड़े भावुक हो गए थे और उन्होंने कहा था कि रिपोर्ट से बड़ी हस्तियों का नाम हटाने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था।












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