ममता के सपनों को आगे बढ़ाएंगे नए रेल मंत्री

उन्होंने कहा, इस देश में ऐसे लोग भी हैं जिनके लिए कुछ रुपये की वृद्धि सहना भी मुश्किल है। रेल भवन में पत्रकारों के सामने उन्होंने अपना 11 सूत्री एजेंडा पेश किया। जिसमें यात्रियों की संरक्षा, सुरक्षा और सुविधा के अलावा रेलवे को कार्यकुशल बनाकर बेहतर उत्पादकता हासिल करने, आमदनी बढ़ाने के लिए रेलवे भूमि का व्यवसायिक उपयोग करने, रेलवे स्टेशनों और कारखानों तथा प्रणालियों का आधुनिकीकरण करने, नई टेक्नालॉजी व युक्तियों का समावेश करने, ईस्ट-वेस्ट कारीडोर तथा हाई स्पीड ट्रेनों जैसी नई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए ममता बनर्जी के विजन 20-20 को लागू करने पर जोर दिया।
त्रिवेदी ने कहा रेलवे को चलाना विशेषज्ञों, अफसरों और कर्मचारियों का काम है। मंत्री की जिम्मेदारी केवल सरकार और जनता की अपेक्षाओं के मुताबिक व्यापक दिशानिर्देश देना और उनका कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है। इस हिसाब से वह पूर्व रेलमंत्री ममता बनर्जी के विजन 20-20 को लागू करने में अपनी शक्ति, ऊर्जा, क्षमता और बुद्धि का प्रयोग करेंगे। क्योंकि यह बहुत सोच-समझकर मेहनत के साथ तैयार किया गया है।
इसमें रेलवे के सुधार की पूरी रूपरेखा है। दुर्घटनाओं के बारे में पूछे जाने पर त्रिवेदी ने कहा संरक्षा एक सतत प्रक्रिया है जिसके लिए सातों दिन और चौबीसों घंटे काम करना पड़ता है। हमारी कोशिश तो दुर्घटनाओं को एकदम सहन न करने (जीरो टॉलरेंस) की रहेगी, लेकिन इसकी कोई समय सीमा नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि रेल सफर को दुर्घटनामुक्त और सुविधाजनक बनाने के लिए धन की जरूरत है। यह कहां से आएगा इसे देखना होगा। किराया बढ़ाना सबसे आसान तरीका है, लेकिन वह अंतिम विकल्प है।












Click it and Unblock the Notifications