मुंबई बम धमाके: काबुल और कराची की राह पर मुंबई

इन आतंकी हमलों में मरने वालों और घायल होने वालों की संख्या शायद यही इशारा करती है कि अब मुंबई भी सुरक्षित नहीं है। आतंकी हमलों पर अमेरिका ने एक डाटा पेश किया है। इसके तहत मुंबई में 2005 के बाद से हुए आतंकी हमलों में 390 लोगों को जान गवानी पड़ी है जबकि 1350 लोग घायल हुए हैं। यह आंकड़ा पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची में हुए हमलों के लगभग बराबर हैं। जहां हुए आतंकी हमलों में 500 लोग मारे गए और 1103 लोग घायल हुए हैं। यानिकि मुंबई में हुए आतंकी हमलों में कराची से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
इसी दौरान पिछले कुछ समय से आतंकवाद का सबसे ज्यादा दंश झेल रहे अफगानिस्तान के आंकड़े भी मुंबई में हुए हमलों के लगभग बराबर हैं। यहां इस पीरियड में हुए हमलों में 520 लोग मारे गए हैं और 1836 लोग घायल हुए हैं। इन आंकड़ों में मुंबई में 1993 में हुए बम धमाके शामिल नहीं है जिसमें 257 लोग मारे गए थे और 700 से भी ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इस दौरान मुंबई में केवल 15 आतंकवादी मारे गए हैं। जो भारतीय सुरक्षा तंत्र की कमजोरियों को उजागर करता है।
मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके
1. 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाके
मुंबई में हुए इस सिलसिलेवार बम धमाकों में 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस हमले में अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम मुख्य आरोपी था। इस हमले को बीते हुए 2 दशक का समय होने वाला है लेकिन भारत सरकार अभी भी दाउद इब्राहिम को पकड़ने में नाकाम नही है।
2. 2008 का 26/11 मुंबई आतंकी हमला
2008 में आतंकवादियों ने मुंबई को दहला दिया था। इस आतंकी हमले में 164 लोग मारे गए थे और 308 लोग घायल हुए थे। इस आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ था। एक आतंकी कसाब अभी भी गिरफ्त में है। उसे फांसी की सजा दी जा चुकी है।
3. 13 जुलाई 2011 मुंबई हमला
इस हमले में 21 लोगों की जान गई और लगभग 150 लोग घायल हो गए। इस हमले की न तो किसी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी ली और न ही भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इसके बारे में कोई सुराग लगाने में कामयाब हो पाई है।












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