वेबसाइट पर अवतरित होगा भूमि अधिग्रहण बिल

सिंगूर से लेकर नोएडा तक हुए भूमि अधिग्रहण ने राज्य सरकारों की खूब किरकिरी कराई है। इस बिल को विकास का नाम दिया जा रहा है। जबकि भूमि अधिग्रहण के जितने भी मामले सामने आए हैं उनमें किसानों के विकास को बिल्कुल भी ध्यान में नहीं रखा गया है। उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुए भूमि अधिग्रहण को तो सुप्रीम कोर्ट ने रद्द करते हुए राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए किसानों की जमीन वापस देने का आदेश दिया था।
इसी तरह टाटा ग्रुप द्वारा सिंगूर में हुए भूमि अधिग्रहण को भी कोर्ट ने गैर कानूनी करार देते हुए उस प्रोजक्ट पर रोक लगा दी थी। इस मामले में अभी भी विवाद चल रहा है। इस विवाद की वजह से टाटा ग्रुप का करोड़ों रुपए का नैनो कार का प्रोजक्ट अधर में लटक गया था।
अब केंद्र सरकार इस बिल पर जनता की राय जानकर ही इसे पारित करने पर विचार करेगी। अभी तक हुए भूमि अधिग्रहण में न तो किसानों का भला हुआ है और न ही भूमि अधिग्रहण करने वाली बड़ी कंपनियों का। ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश का कहना है कि इस वेबसाइट पर जनता का जवाब जानने के बाद ही इस बिल को पारित किया जाएगा।












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