सालीसिटर जनरल को मनाने में जुटी सरकार

गौरतलब है कि सॉलीसिटर जनरल गोपाल सुब्रह्मण्यम ने रविवार को इस्तीफा देकर मनमोहन सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। देश के जाने माने सरकारी अधिवक्ता सुब्रह्मण्यम ने कहा, मेरी राय के बिना ऐसा किया जाना ठीक नहीं है, यह गलत निर्णय था। उन्होंने कहा कि मैंने अपना इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में केंद्रीय दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने व्यक्तिगत रूप से आर.नारीमन को विशेष अभियोजक नियुक्त कर दिया। मैं समझता हूं कि बिना मेरी राय लिए ऐसा किया जाना ठीक नहीं है और यह गलत निर्णय था। हालांकि यह पूछे जाने पर कि क्या वह सॉलीसिटर जनरल पद से अपने इस्तीफे पर वे कायम रहेंगे, इस पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। यानी सहमति के रास्ते उन्होंने अभी बंद नहीं किए हैं।
कानून मंत्री वीरप्पा मोइली को अपना इस्तीफा सौंपने वाले सुब्रमण्यम ने राष्ट्रपति से मुलाकात भी की। पर इस मुलाकात को एक शिष्टाचार भेंट का नाम दिया।
उधर, बेंगलूर में वीरप्पा मोइली ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा, फिलहाल उनसे पद पर बने रहने को कहा है। सुब्रमण्यम से स्थिति स्पष्ट करने के लिए बातचीत करेंगे। यह पूछे जाने पर कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सोमवार को 2-जी मामले में होने वाली सुनवाई में सिब्बल की ओर से निजी वकील हाजिर होंगे या सुब्रमण्यम तो उन्होंने कहा, मैं दिल्ली लौटने के बाद ही इस मुद्दे पर कुछ कह पाऊंगा। सूत्रों के मुताबिक, 2-जी मामले में पहले से ही फजीहत झेल रही सरकार को और किरकिरी से बचाने के लिए प्रधानमंत्री ने सॉलीसीटर जनरल से कहा है कि वह इस मामले में मंत्रिमंडलीय सहयोगियों से विचार विमर्श करेंगे,तब तक वह पद पर बने रहें। सूत्रों के मुताबिक, सरकार को भरोसा है कि सुब्रमण्यम स्थिति को समझेंगे और 2-जी मामले में दूरसंचार मंत्रालय की ओर से अदालत में पेश होना जारी रखेंगे।












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