उत्तर प्रदेश: एक और सर्वे कम्पनी फरार

कम्पनी के लुभावने ऑपर पर राजधानी के कई लोग टूट पड़े और घर बैठे रुपया कमाने के लालच में लोगों ने कम्पनी ने जमकर पैसा लगाया। पैसा लगाने वालों में समाज के हर तबके के लोग थे। कम्पनी ने भागने की तैयारी उस वक्त की कुछ कम्पनियों के फरार हो जाने के बाद निवेशकों ने रकम लेने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। एक दिन जब लोगों ने अपने कम्प्यूटर खोले तो कम्पनी की वेबसाइट ही नहीं खुली शक के आधार पर लोगों ने जब कम्पनी के कार्यालय से सम्पर्क करने का प्रयास किया तो वहां ताला लटक रहा था।
लोगों को अहसास हो गया कम्पनी उनके रुपया लेकर फरार हो चुकी है। एक निवेशक चन्द्रमौली यादव की तहरीर पर पुलिस ने कम्पनी पर छापा मारा लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। पुलिस ने कार्यालय में रखे 102 लैपटॉप, दो हाण्डा सिटी कार व कई अन्य उपकरण तथा दस्तावेज जब्त कर लिए। मार्च माह में शुरू हुई कम्पनी ने अब तक कितने लोगों को चूना लगाया है अब तक पता नहीं चल सका है। हालांकि पुलिस के पास कई लोग तो ऐसे भी आए जिन्होंने फैमिली आइडी ले रखी थी।
जांच में पता चला कि कम्पनी ने 300 लोगों को चेक दिए थे जो बाद में बांउस हो गए हैं। डीआईजी का कहना है कि कम्पनी के अधिकारियों के खिलाफ जांच की जा रही है तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उन्होंने राजधानी के अलावा और किन-किन जिलों में अपना नेटवर्क फैला रखा है।












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