दिल्ली: रैगिंग की तो कैरियर तबाह

डीयू के डिप्टी प्रॉक्टर डा. ओमपाल सिंह के मुताबिक, कुछ सालों में रैगिंग पर डीयू ने काफी हद तक सफलता पाई है, लेकिन अभी यह जड़ से खत्म नहीं हुई है। रैगिंग पर लगाम कसने के बावजूद बहुत से छात्र अभी भी परिचय और मित्रता की आड़ में छात्रों को प्रताड़ित करने की कोशिश करते हैं। प्रशासन ने इस साल किसी भी तरह की रैगिंग को पूरी तरह बैन करने का फैसला किया है।
इस संबंध में सभी कालेजों को यूजीसी के मुताबिक लिखित तौर पर आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं। इनके साथ-साथ सभी जगह अंडर टेकिंग फार्म भी भेजे गए हैं जो छात्रों से ही भरवाए जाएंगे। डा. ओमपाल ने बताया कि निर्देशों के तहत सभी को रैगिंग के विषय में जागरूकता फैलाने और इस पर रोक लगाए जाने संबंधी उपायों पर अमल करने की हिदायत दी है। इसके लिए पोस्टर्स व होर्डिंग्स का सहारा भी लिया जाएगा।
सभी छात्रों से रैगिंग के संबंध में अंडरटेकिंग फार्म भरवाए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। फिर भी रैगिंग का कोई मामला सामने आया तो प्रशासन इसमें कोई कोताही नहीं बरतेगा। रैगिंग के दोषी को बिना कोई मौका दिए या सुनवाई किए बिना ही उसका दाखिला रद कर दिया जाएगा। उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी अंजाम दी जाएगी












Click it and Unblock the Notifications